Google और Facebook दे रहे हैं लाखों कमाने का मौका, जानें डिटेल्स

Career Tips in Hindi: इसके लिए किसी खास पढ़ाई की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि कुछ टेक्नीकल स्किल्स में महारत हासिल करनी पड़ती है।

Career Tips in Hindi: अगर आप किसी मशहूर वेबसाइट में कोई कमी खोज लेते हैं और कंपनी को बताते हैं तो वह आपको लाखों रुपए तक दे सकती है। इसके लिए किसी खास पढ़ाई की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि कुछ टेक्नीकल स्किल्स में महारत हासिल करनी पड़ती है।

अगर आप कम्प्यूटर साइंस या प्रोग्रामिंग में रुचि रखते हैं या आप एक कोडर हैं तो आप बिना किसी जॉब के घर बैठकर भी अच्छा-खासा पैसा कमा सकते हैं। इसके लिए आपको केवल इतना सा करना है कि किसी बड़ी कंपनी की वेबसाइट या सर्विस में कोई बग (समस्या) खोजकर उस कंपनी को बताएं। इसे बग बाउंटी हंटिंग (Bug Bounty Hunting) प्रोग्राम कहा जाता है।

लाखों डॉलर तक कमा सकते हैं
बग बाउंटी हंटिंग प्रोग्राम के तहत कंपनियां उन लोगों को प्राइज मनी देती हैं जो उन कंपनियों के सॉफ्टवेयर, वेबसाइट्स या वेब एप्लीकेशन्स में कोई कमी या सुरक्षा संबंधी खामियां खोजकर कंपनी को बताते हैं। इस प्रोग्राम के तहत कुछ सौ डॉलर से लेकर लाखों डॉलर तक की प्राइज मनी दिया जाता है। दुनिया के कुछ हैकर्स तो इस काम के जरिए सालाना लाखों डॉलर कमाते हैं।

पढ़ाई नहीं, रुझान है जरूरी
गूगल ने मई 2018 में उरुग्वे के एक 16 वर्षीय छात्र एजीक्विल परेरा को गूगल प्रोडक्ट में सुरक्षा खामी सर्च करने के लिए 36 हजार अमरीकी डॉलर (लगभग 25 लाख रुपए) से भी अधिक की रकम अवॉर्ड में दी थी। परेरा को गूगल के कैलिफोर्निया स्थित हैडक्वॉर्टर में बुलाकर भी सम्मानित किया गया। आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि गूगल जैसी कंपनी के प्रोग्राम में खामी खोजकर इतनी बड़ी रकम पाने वाला यह छात्र ढंग से मिडिल स्कूल पास भी नहीं था और उसने पहला कम्प्यूटर भी 10 वर्ष की उम्र में देखा था। जब वह 11 वर्ष का हुआ, तब उसने प्रोग्रामिंग सीखना शुरू किया था।

कम उम्र में बड़ा कारनामा
इसी तरह फिनलैंड के एक 10 वर्षीय छात्र जॉनी ने फेसबुक के बग बाउंटी प्रोग्राम में भाग लेकर 10 हजार अमरीकी डॉलर (लगभग 7 लाख रुपए) का अवॉर्ड हासिल किया था। जॉनी ने अपनी कोडिंग के जरिए पाया कि इंस्टाग्राम पर एक खास कोड डालकर किसी भी पोस्ट के सभी कमेंट्स डिलीट किए जा सकते हैं। इस तरह जॉनी दुनिया के सबसे कम उम्र के बग बाउंटी अवॉर्ड विनर बन गए। उन्होंने आठ वर्ष की उम्र से प्रोग्रामिंग सीखना शुरू किया था। इसलिए कह सकते हैं कि इस फील्ड में जाने के लिए आपका व्यक्तिगत रुझान और आपकी तकनीकी योग्यता ही सब कुछ है।

जरूरी हैं ये योग्यताएं
बग बाउंटी हंटिंग के लिए आपके अंदर कुछ खास योग्यताएं होनी चाहिए। सबसे पहले तो आपके अंदर नई तकनीक के प्रति रुझान होना चाहिए। बेसिक कोडिंग और कम्प्यूटर स्किल्स का ज्ञान होना चाहिए। इसके साथ इन दिनों हमारे पास ऐसे अनगिनत टूल्स हैं जो किसी भी वेबसाइट या वेब एप्लीकेशन में खामी खोजने के काम आते हैं। आपको उनकी भी नॉलेज हो तो आपके लिए यह काम और भी आसान हो जाएगा। सबसे बड़ी बात है कि ये तीनों योग्यताएं सीखने के लिए आपको किसी इंस्टीट्यूट में जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप इंटरनेट और यूट्यूब का इस्तेमाल कर खुद ही सीख सकते हैं। अगर आपके पास इनमें से एक भी चीज नहीं है तो फिर आपको बग बाउंटी हंटिंग के जरिए पैसा कमाने की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।

इन साइट्स पर मिलेगी जानकारी
आज दुनिया की सभी बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को लेकर सचेत हैं। ऐसे में कोई भी सुरक्षा संबंधी खामी या अन्य किसी तरह की समस्या उनकी रेपुटेशन और मार्केट वैल्यू पर असर डाल सकती है। इसलिए गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, जैसे बड़े नामों सहित सभी कंपनियां इस तरह के प्रोग्राम्स चलाती हैं। किस कंपनी ने क्या अवॉर्ड रखा हुआ है, इसकी जानकारी संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर जाकर देखा जा सकता है। आप इन वेबसाइट्स के जरिए भी ऐसे अवॉर्ड प्रोग्राम्स की जानकारी ले सकते हैं-
Bugcrowd (www.bugcrowd.com/bug-bounty-list/ )
Vulnerability Lab (www.vulnerability-lab.com/list-of-bug-bounty-programs.php)
HackerOne (https://hackerone.com/hacktivity)
Fire Bounty (https://firebounty.com/)
Microsoft (https://aka.ms/bugbounty)

अन्य यूजर्स से कर सकते हैं संपर्क
इनमें से HackerOne आपको एक प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध करवाती है जहां पर आप उन कंपनियों से भी संपर्क कर सकते हैं जो इस तरह का कोई प्रोग्राम नहीं चलाती पर उनके सॉफ्टवेयर या वेब एप्लीकेशन में दिक्कत है। यहां के जरिए आप श्योर इनकम पाने के लिए एक कॉन्ट्रेक्ट भी ज्वॉइन कर सकते हैं। इनके अतिरिक्त इंटरनेट पर कई बग बाउंटी हंटर कम्प्यूनिटी फोरम हैं। वहां से भी आप इस तरह के रिवॉड्र्स की जानकारी ले सकते हैं। फोरम पर आप दुनिया भर के अन्य यूजर्स से संपर्क करके उनसे भी मदद ले सकते हैं। कुछ फोरम्स की जानकारी आप यहां से ले सकते हैं-
BugBountyForum (https://bugbountyforum.com/)
Synack (https://www.synack.com/)
Reddit (www.reddit.com/r/netsec)

कुछ खास तथ्य

  • वर्ष 2018 में अकेले गूगल ने ही 2.9 मिलियन डॉलर (लगभग 20 करोड़ रुपए) से अधिक की राशि रिसर्चर्स और कोडर्स को अपने प्रोडक्ट में खामी खोजने के लिए दी थी। इनमें सबसे बड़ा अवॉर्ड 1,12,500 डॉलर (लगभग 80 लाख रुपए) का था।
  • माइक्रोसॉफ्ट ने अप्रैल 2018 से जून 2018 तक के बीच के समय में ही टॉप 5 अवॉर्ड विनर्स को 2,20,000 अमरीकी डॉलर (लगभग डेढ़ करोड़ रुपए) दिए थे। माइक्रोसॉफ्ट के बग बाउंटी अवॉड्र्स आम तौर पर 15000 डॉलर से शुरू होते हैं और अधिकतर 250,000 डॉलर (1.77 करोड़ रुपए) तक के होते हैं।
  • वर्ष 2011 से फेसबुक भी बग बाउंटी प्रोग्राम चला रहा है। तब से अब तक फेसबुक दुनिया भर के 800 सिक्योरिटी रिसर्चर्स को 2.95 मिलियन पाउंड (लगभग 27 करोड़ रुपए) अवॉर्ड में दे चुका है। इनमें से अधिकतर लोग भारत, मिस्र, त्रिनिदाद तथा टौबेगो से हैं।
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सुनील शर्मा
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