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यहां लड़कियों को पढ़ाई संग लेनी पड़ रही ‘परफेक्ट गृहिणी’ की ट्रेनिंग

चीन में इन दिनों लड़कियों को परफेक्ट गृहिणी बनाने के लिए कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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Amanpreet Kaur

Aug 25, 2018

homemaker training

homemaker training

चीन में इन दिनों लड़कियों को परफेक्ट गृहिणी बनाने के लिए कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। दरअसल चीन में राष्ट्रपति पद के लिए तय समय सीमा को समाप्त करने के कुछ महीनों बाद ही एक नया पाठ्यक्रम जारी किया गया है। इस पाठ्यक्रम को चलाने वाली शेंग ज़ी ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पारंपरिक चीनी संस्कृति की शिक्षा नव-युवतियों तक पहुंचाने के लिए ‘न्यू एरा वीमंस स्कूल’ की शुरुआत की गई है। शेंग के मुताबिक परिवार में महिलाओं की भूमिका अब पहले से ज्यादा कसौटी पर है। इस समय चीन में चल रही लहर के मुताबिक ४० सालों में चीन के आर्थिक परिवर्तनों से वहां की महिलाएं औसतन पहले से ज्यादा स्वस्थ, समृद्ध और शिक्षित हुई हैं। लेकिन पुरुषों की तुलना में अपनी पारिवारिक भूमिका में पिछड़ रही हैं। शी के कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही वल्र्ड इकोनोमिक फोरम के जेंडर गैप सूचकांक में चीन 69वें पायदान (2013) से फिसलकर पिछले साल 100वें स्थान पर आ गया है।

चीनी लड़कियां चाहे किसी भी प्रोफेशनल कोर्स में हों उन्हें इस पाठ्यक्रम का हिस्सा बनना अनिवार्य है। चीन के शीर्ष नेतृत्व को चिंता है कि कहीं शिक्षित महिलाएं पुरुषों से शादी को प्राथमिकता देना बंद करके बिना शादी ही बच्चे गोद ले लें। इससे देश की अर्थव्यवस्था में अस्थिरता का माहौल उत्पन्न हो जाएगा।

महिलाओं की आजादी पर पाबंदी

पिछले साल उत्तरी चीन में एक खबर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था। यहां की एक कंपनी ऐसा पारंपरिक स्कूल चला रही थीं जहां महिलाओं को चुपचाप घरेलू काम करने को कहा गया था। साथ ही अपने पति की हर बात मानने को तैयार रहने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। बीजिंग के एक स्थानीय वेबसाइट पर दिखाई फुटेज में एक प्रशिक्षक उन्हें आदेश देते हुए कह रहा था कि अगर पति पीटें तो वे उसका विरोध न करें। डांटते समय वे न बोलें न बहस करें। चाहे कुछ भी हो वे तलाक लेने के बारे में सोचें भी नहीं।

फुटेज में दूसरा इंस्ट्रक्टर यह कह रहा था कि महिलाओं को समाज में दबकर रहना चाहिए और ज्यादा पाने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। वीडियो फुटेज के वायरल होने पर स्थानीय अधिकारियों ने इसे समाजवादी मूल्यों का उल्लंघन बताते हुए जांच करने की बात कही। लेकिन बीजिंग स्थित घरेलू-हिंसा विरोधी प्रचारक फेंग युआन ने कहा कि यह सब दिखावा था। वास्तव में इस प्रथा को लगातार बढ़ावा दिया जाता रहा है। समाज महिलाओं को ही नियंत्रित करने में लगा रहता है लेकिन कभी पुरुषों की भूमिकाओं की समीक्षा नहीं होती।