
Kabaddi Player Jasbeer Singh Motivational Story in Hindi
Motivational Story: कामयाबी पाने का संघर्ष ही सबसे सीधा रास्ता है। उसके सिवा कोई दूसरा साधन नहीं है। हर चीज वक्त मांगती है। मैंने भी भाई को कबड्डी खेलते देखा फिर शुरुआत की। काफी वक्त लगा और मुकाम भी पाया। अब लोग पहचानने भी लगे। यह कहना है कबड्डी खिलाड़ी जसवीर सिंह का।
वह बताते हैं कि शुरूआती दिनों में आसपास में कबड्डी के लिए कोई खास मैदान नहीं थे तो सुबह चार बजे स्कूल चले जाते थे। वहीं स्कूल के मैदान पर तीन घंटे तक खेलता फिर क्लास में पढऩे बैठ जाता था। यहीं चलता रहा और भारतीय कबड्डी टीम में भी पहुंच गया। वल्र्डकप का भी हिस्सा रहा। पहली बार जब भारतीय टीम में चयन हुआ तो गांव में त्यौहार जैसा माहौल हो गया था। खुशियां मनाई गई थीं। पूरे गांव में खुशी की लहर थीं, क्योंकि ऐसा करने वाला आसपास एरिया का मैं एकमात्र ही खिलाड़ी था।
कबड्डी में लोगों का बढ़ रहा है रुझान
जसवीर बताते हैं कि प्रो कबड्डी के आने के बाद कबड्डी खेल व खिलाड़ी दोनों का स्तर बढ़ा है। जहां भी जाते है, लोग पहचानने लगे है। पहले ऐसा नहीं था। लोग समझते नहीं था। खुद बताना पड़ता था। बहुत अच्छा लगता है। उम्मीद हैं कबड्डी ओलम्पिक में भी शामिल होगा। ये बताते हैं कि तीन-चार साल में कबड्डी के प्रति युवाओं में अच्छा रूझान देखने को मिला है। हरियाणा से हूं। वहां तो किसी भी गांव में चले जाओ। ५०-६० बच्चे तो खेलते मिल ही जाएंगे। मेरे परिवार के सभी युवा कबड्डी खेलते हैं। जसवीर का मानना हैं कि कबड्डी को लेकर आगामी समय में अच्छा स्कोप है।
सरकार बन रही मददगार
मूलत: हरियाणा से हूं। वहां सरकार खेल को बढ़ावा देने में पूरी तरह से मददगार बनी हुई है। हर राज्य में ऐसा ही होना चाहिए। देखा जाए तो, खेल को लेकर कई राज्यों का ग्राफ बढ़ा है। राजस्थान भी अच्छी पोजिशन पर आ गया है। बताया कि, जल्द महिलाओं की कबड्डी लीग भी शुरू होगी। यह भी अच्छी सौगात होगी। इससे महिलाओं का भी रूझान बढ़ेगा।
Published on:
01 Nov 2019 03:05 pm
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