मंडला. कलेक्टर कार्यालय मंडला द्वारा प्रकाशित अधिसूचना में बसनिया बहुउद्देशीय परियोजना के लिए औढारी गांव की 242.78 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने के लिए कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 2 मंडला को प्राधिकृत करने की जानकारी ग्रामीणों को लगी। इसके बाद से अधिसूचना वाले ग्रसम सिवनी माल, मुरलापानी, दरगढ, बसगढी माल, फडकी माल, कापा माल, बडझर, धनगांव, उमरडीह, रमपुरी, बिलगढा, चुभावल और दुपट्टा में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी तारतम्य में औढारी गांव के महिला, पुरूषों ने बैठक आयोजित कर निर्णय लिया कि संविधान के पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार भू-अर्जन और बसनिया बांध को लेकर असहमति का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजेंगे। बैठक में उपस्थित लोगों ने एकमत से कहा कि हम लोग मैदानी और कानूनी लड़ाई प्रभावित गांव के साथ मिलकर लड़ेगे। औढारी के पूर्व सरपंच तितरा मरावी ने कहा कि 27 दिसंबर 2022 को सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष मंडला कलेक्ट्रेट पहुंच कर ग्राम सभा द्वारा बसनिया बांध को निरस्त करने संबंधी पारित प्रस्ताव कलेक्टर को दिया था। उसके कुछ दिन बाद बांध का सर्वे करने आई टीम को लोगों ने पकड़ा था, तब नर्मदा घाटी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने लिखित दिया था कि ग्राम सभा की सहमति के बिना कोई गांव नहीं आएगा। लेकिन यह अधिसूचना ग्रामीण आदिवासियों के साथ विश्वासघात है जो किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दे कि यह बांध ग्राम औढारी विकास खंड मोहगांव जिला मंडला में बनना प्रस्तावित है। जिससे 2735 परिवारों की 2443 हेक्टेयर काश्तकारी भूमि डूब में आएगा। आयोजित बैठक में प्रेम सिंह आर्मो, सुख लाल आर्मो, चेपा सिंह मरावी, जेहर सिंह पंद्राम, बरतो बाई मरावी, शिवरतिया बाई आर्मो, सुनिता बरकड़े, हल्को बाई पडवार समेत ग्राम के मुख्य लोग उपस्थित रहे।