नगरीय निकाय चुनाव का दिखाई दे रहा शोरगुल
मंडला. नगरीय चुनाव का शोरगुल चारों तरफ सुनाई दे रहा है, उम्मीदवार घर-घर जाकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करते देखे जा रहा है। एक तरफ उम्मीदवार मतदाताओं से मतदान की उम्मीद लगाए हुए हैं तो वही दूसरी तरफ मतदाता ये निष्कर्ष निकालने में लगे हुए हैं कि किस उम्मीदवार को अपना मतदान करना है। इस बार पिछले कई सालों बाद नगरपालिका के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के लिए चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होने जा रहे हैं। जिनमें जनता द्वारा चुने गए पार्षदों में से ही कोई एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष बनेगा।
मंडला से लेकर महाराजपुर तक के कई मतदाता विकास ना होने से नाराज दिखाई दे रहे हैं। रानी दुर्गावती वार्ड के अभिषेक जैन ने बताया कि वार्ड में पिछले कुछ साल पहले नल-जल योजना से पाइप लाइन के लिए सड़क को खोदा गया था उसमें सीमेंटीकरण नहीं कराया कई बार पार्षद को कहा गया लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। इसी तरह रानी अवंती बाई वार्ड क्रमांक 18 के सम्पत श्रीवास ने बताया कि वार्ड में नपा द्वारा जो पाइप लाइन बिछाई गई थी उसमें घर-घर कनेक्शन नहीं किए गए हैं जिनसे पानी अनावश्यक मुख्य मार्ग में बहता रहता है।
जो हमारी सुने और समस्याएं निपटाए
कुछ वार्डों के वार्डवासियों का कहना है कि चुनाव से पहले तो प्रत्याशी अपने आपको मिलनसार, योग्य, सक्षम उम्मीदवार बताते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते हैं। इसलिए इस बार ऐसा पार्षद चुनेंगे जो हमारी सुनें और समस्याओं का निरारकण करे। आजाद वार्ड के मतदाताओं का कहना है कि यहां नर्मदा तट में काफी पुराने पक्के घाट हैं, पुराने मंदिर हैं न घाटों की साफ-सफाई पर किसी ने ध्यान दिया है न ही कभी भी गिरने की कगार पर पहुंच रहे प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार की किसी जनप्रतिनिधि ने कभी चिंता की है। इसी तरह श्रीराम वार्ड के मतदाताओं का कहना है कि पिछले कई सालों से वे अपने ही घर में डरे-सहमे से रहते हैं जिसका बड़ा कारण वार्ड में पिछले कई सालों आवारा श्वान और बंदरों का आतंक है, जो पिछले कुछ माह में कई लोगों को शिकार भी बना चुके हैं लेकिन वार्ड के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि वार्डवासियों को इस समस्या से निजात नहीं दिला पाए।
इस बार एक वार्ड से 10 उम्मीदवार तक मैदान में
इस बार एक-एक वार्ड से 5 से 10 उम्मीदवार तक अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। मंडला नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 02 से 8 प्रत्याशी, वार्ड क्र 4 से 9, वार्ड क्र 9 से 7, वार्ड 17 से 10 प्रत्याशी वार्ड क्र 20 से 13 विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। वार्डों में प्रत्याशियों की बड़ी संख्या का एक बड़ा कारण नगरपालिका में अप्रत्यक्ष रूप से अध्यक्ष का चुनाव माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि अध्यक्ष पद के लिए कई उम्मीदवार साम, दाम, दण्ड, भेद आजमा सकते हैं। कई पार्षद उम्मीदवारों इस उम्मीद के साथ ही खड़े हुए हैं कि यदि वे आम जनता द्वारा चुन लिए जाते हैं तो अप्रत्यक्ष नपा अध्यक्ष को चुनने में सहभागी बन सकेंगे। जानकारों के अनुसार पिछले कई साल पहले भी इसी तरह अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से हो चुका है जिसमें एक निर्दलीय चुनकर आए पार्षद को नगरपालिका का अध्यक्ष चुना गया था। मध्यप्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार के पहले 15 माह की जो कांग्रेस सरकार थी उस सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि नगर निगम और नगरपालिका में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से ही होंगे। लेकिन भाजपा सरकार कांग्रेस सरकार के निर्णय में आंशिक बदलाव किया और निर्णय लिया गया कि नगरपालिका में ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव पार्षदों द्वारा ही किया जाएगा, जबकि नगरनिगम में आमजनता ही अध्यक्ष को प्रत्यक्ष रूप से चुन सकेगी।