
बिजली काटो और करोड़ो का बिजली बिल वसूलों
मंडला. नोटिस के बाद बिजली काटने की मुहिम ने बिजली विभाग को करोड़ों की बकाया बिजली बिल की राशि दिला दी है। दरअसल जिले में बिजली विभाग द्वारा ऐसे बिजली उपभोक्ता जिन्होंने पिछले कई महिनों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया था ऐसे लोगों को चिन्हित कर पहले नोटिस जारी किए गए, लेकिन नोटिस का ज्यादा असर नहीं हुआ इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने कुछ और कड़ाई करते हुए एक-एक करके बकायदारों के बिजली कनेक्शन काटने शुरू कर दिए और इसका असर यह हुआ कि कई माह से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ता अपने सारे काम काज छोड़कर पहले बिजली बिल जमा करने एमपीईबी के कार्यालय पहुंचना शुरू हो गए।
जिले में बकायादारों की संख्या 18 हजार हुई पार
जिले में कुल 2 लाख 12 हजार घरेलू और व्यवसायिक उपयोग के कनेक्शनधारी है। विभाग द्वारा सबसे पहले ऐसे कनेक्शनधारियों की सूची तैयार की गई जिनके घर या दुकानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के कई माह के बिजली बिल जमा नहीं हुए थे। जब आंकड़े सामने आए तो पता चला कि जिले में कुल बकायादारों की संख्या 18 हजार पार हो चुकी है और कुल बकाया राशि 14 करोड़ के आसपास पहुंच गई हैं, ये आंकड़े सामने आते ही विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए और सबसे प्रारंभिक चरण में ऐसे उपभोक्ताओं को चुना गया है जिनके पिछले 6 माह का बिजली बिल बकाया था। तो ऐसे बकायादारों की संख्या 6900 तक पहुंच गई।
मिला 10 करोड़ 14 लाख का राजस्व
जिले में जहां कुल बकायादारों की संख्या में 18 हजार पहुंच गई थी तो वहीं नोटिस और लाईन काटने के बाद करीब 36 सौ कनेक्शनधारियों ने तत्काल अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान कर दिया। जहां पिछले कई महीनो से बिजली बिल जमा नहीं होने बकायादारों का बिजली बिल का बकाया करीब 14 करोड़ के आसपास तक पहुंच गया था तो वहीं नोटिस और बिजली कनेक्शन काटने का असर ऐसा हुआ कि पिछले साल से इस बार 111 प्रतिशत अधिक राजस्व बिजली विभाग के पास जिले से जमा हो गया जो करीब 10 करोड़ 14 लाख के आसपास बताया गया है।
प्रबंध संचालक ने दिए थे निर्देश
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे बिजली उपभोक्ता हैं जो सिर्फ बिजली का उपयोग करते हैं और महिनों और तो और सालों से उनके द्वारा बिल का भुगतान ही नहीं किया जाता है सूत्रों के अनुसार कई बार जब बिजली विभाग के कर्मचारी बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने पहुंच जाते हैं तो उन पर राजनैतिक दवाब डलवाकर या अन्य हथकंडे अपनाकर वापिस कर दिया जाता है। एक तरफ लगातार बिजली की मांग और दूसरी तरफ बिजली बिल नहीं जमा होने से विभाग के सामने बड़ी परेशानी पैदा हो गई क्योंकि यदि विभाग द्वारा बिजली कंपनियों को बिल की राशि जमा नहीं कराई जाएगी तो ऐसे में बिजली की सप्लाई बाधित हो सकती है। जिस पर पिछले महीने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बिजली कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी ने बकाया बिल वसूलने उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की मुहिम चलाने के लिए निर्देश दे दिए।
उड़नदस्ता टीम बनाई गई
प्रबंध संचालक के ओदश मिलते ही सभी केंद्रों में कनिष्ठ अभियंता, लाइनमेन, सहायक अभियंता, कार्यपालन अभियंता को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वृत्त स्तर से कार्रवाई करने विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया और बहुत कम समय में इस टीम ने पहले नोटिस देने की कार्यवाही की और जब इसका असर होता दिखाई नहीं दिया तो कनेक्शन काटने शुरू कर दिए गए आखिर जब बकायादारों के घर के घर में अंधेरा छा गया तब कहीं जाकर उन्होंने अपना बकाया बिल जमा कराया।
पहले नोटिस फिर कोई सुनवाई नहींडीईएमपीईबी शरद बिसेन ने बताया कि सभी बकायादारों को एक-एक करके पहले नोटिस जारी किए गए ताकि वे समय में अपना बकाया बिजली बिल जमा कर दें। जिसका कुछ असर तो हुआ लेकिन यह असर पूरी तरह कारगर साबित होता दिखाई नहीं दिया तो विभाग के अधिकारियों ने अपने लाईनमेनों को भेजकर बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी कर दिए। धीरे-धीरे मात्र करीब एक माह के कम समय में ही 6 माह से बिल भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की दुकान, घरों के कनेक्शन काट दिए गए। एक महीने के अंदर करीब 1214 बकायादारों के कनेक्शन काट दिए गए और जैसे ही बिजली कनेक्शन काटे गए और इस तरह की कार्यवाही होते देख बकायादारों में हड़कंप मच गया और एक-एक करके बकायादार बिजली विभाग के दफ्तर बिजली बिल भुगतान के लिए पहुंचना शुरू हो गए।
बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने जाने के लिए जो मुहिम शुरू क की गई थी उसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। पिछले साल के मुकाबले 111 प्रतिशत अधिक बिजली भुगतान हुआ है और कम समय में ही उपभोक्ताओं द्वारा करीब 10 करोड़ 14 लाख का बकाया बिल जमा करा दिया गया है।
शरद बिसेन, डीई, एमपीईबी
Published on:
03 Sept 2022 03:10 pm
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