
बारिश से हर फसल को पहुंचा है नुकसान, किसान गांव-गांव सर्वे कराने कर रहे मांग
मंडला. किसान लगातार बारिश और फसल को हो रहे नुकसान को देखते हुए जल्द मौसम खुलने की प्रार्थना कर रहे हैं। लेकिन बारिश है कि थमने का नाम नहीं ले रही है। 16 मार्च को रिमझिम फुहारों के साथ शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। जिले में कई गांवों में अधिक बारिश होने से खेतों में पानी जमा हो गया है, खेतों जमा यह पानी आने वाले दिनों में लगी फसल के लिए नुकसानदायक साबित होगा। वहीं किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से आधी से अधिक फसल खेत में लेट गई है जिससे उत्पादन प्रभावित होगा किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजा की मांग की है। बिछिया क्षेत्र में बुधवार की दोपहर करीब 2.30 बजे से 3 बजे तक जोरदार बारिश हुई। कुछ स्थानो में ओला वृष्टि भी हुई है। जिससे फसल को और अधिक नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। बिछिया में 35.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। देई के किसान सुरेश कार्तिकेय ने बताया कि लगातार बारिश होने से गेहूं, चना, मटर, मसूर की फसल प्रभावित हो रही है इनका रंग खराब हो जाएगा, जिससे इन फसलों का बाजार मूल्य भी कम हो जाएगा। इसी के साथ जो फसल कटकर खेतों में ही रखी गई है लगातार बारिश से उसमें अंकुरण भी होने लगे हैं। पूर्व मंडी अध्यक्ष सुनील नामदेव का कहना है कि बिछिया क्षेत्र के कोको एवं लालीपुर में 50 प्रतिशत से अधिक फसल को नुकसान पहुंचा है नामदेव का कहना है कि भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार सिर्फ 35 से 50 प्रतिशत तक ही नुकसान होने की बात कही जा रही है जबकि नुकसान का यदि सही आंकलन किया जाए तो नुकसान का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। बेमौसम बारिश से क्षेत्र के हरेक गांव की फसल प्रभावित हुई है, इसलिए प्रत्येक गांवों का सर्वे होना चाहिए और ओला प्रभावित के अलावा बेमौसम बारिश से हुई फसलों के नुकसान का भी मुआवजा सरकार को देना चाहिए।
आम में लगा माहू रोग
गर्मी की शुरूआत से ही इस बार आम के पेड़ों में बड़ी संख्या में बौर लग गई थी जिससे जिन किसानों के खेतों में, बगीचों में आम के पेड़ लगे हुए थे उन्हें यह आश जागी थी कि इस बार आम बेचकर अच्छी कमाई हो जाएगी लेकिन मार्च के दूसरे पखवाड़े के साथ शुरू हुई बारिश के कारण आम के पेड़ में माहू रोग लग गया है और आम के पेड़ों में लगे बौर काले पड़ गए हैं, इस तरह आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।
कटाई में लगेगा समय
कई किसानों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेत में लगी गेहूं की करीब आधा फसल खेत में लेट गई है। इसकी कटाई में अपेक्षाकृत अधिक समय लगेगा जिससे मजदूरी भी अधिक देना पड़ेगा। किसान जाकिर खान ने बताया कि निचले क्षेत्र की जमीन होने से गेहूं की बोनी कुछ विलंब से की गई थी अभी फसल को पूरी तरह पकने में एक पखवाड़ा से अधिक का समय लगेगा। वहीं वर्तमान में हो रही बारिश से गेहूं के दाने मोटे न होकर बारीक रह जाएंगे, जिससे उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा।
Published on:
23 Mar 2023 03:33 pm

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