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बिना संसाधन आपदा प्रबंधन में छूट रहे पसीने

होमगार्ड के पास संसाधनों का अभाव, बाढ़-अतिवृष्टि के दौरान होगी परेशानी

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Excessive sweating without disaster management

Excessive sweating without disaster management

मंडला. जिला आपदा प्रबंधन के अंतर्गत मानसून सत्र 2019 में वर्षाकाल के दौरान बाढ़ एवं अतिवृष्टि की स्थिति में प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम कलेक्टर कार्यालय के अधीक्षक कक्ष में स्थापित किया गया है। आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम संपूर्णं वर्षाकाल में 24 घण्टे कार्यरत् रहेगा जिसमें कर्मचारियों की ड्यूटी पृथक रूप से लगाई जायेगी। इसके साथ ही नगरपालिका क्षेत्र मंडला के अंतर्गत बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद के फायर ब्रिगेड कक्ष में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया हैं। लेकिन आपदा प्रबंधन में जिन होमगाड्र्स का विशेष योगदान होता है वे आज भी संसाधनों के अभाव में रेस्क्यू करने को विवश हैं।
कैसे हो एक ही मोटरबोट आपदा प्रबंधन
आपदा प्रबंधन में मोटर बोट और लाइफ जैकेट होमगाड्र्स के लिए बेहद मददगार साबित होते हैं। मंडला जिले के होमगार्ड के पास मोटरबोट के नाम पर सिर्फ दो मोटरबोट हैं, जिनमें से एक ही अधिक उपयोग में लाई जा रही है क्योंकि वजन में हल्का और आकार में छोटा होने के कारण उसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर ले जाया जा सकता है। दूसरा मोटरबोट आकार में अधिक बड़ा और वजनी है यही कारण है कि उसका कम ही इस्तेमाल हो रहा है।
चाहिए और बोट
होमगाड्र्स को कम से कम तीन और छोटे आकार के मोटर बोट की आवश्यकता है। होमगाड्र्स के पास अतिरिक्त पांच-पांच मोटर बोट इंजिन रखे हुए हैं, लेकिन बोट के अभाव में वे कोई काम के नहीं। जानकारी के अनुसार, होमगार्ड के पास 40 हॉर्स पावर, 30 हॉर्स पावर, 25 हॉर्स पावर, 15 हॉर्स पावर और 10 हॉर्स पावर के पांच इंजिन हैं। इनमें से सर्वाधिक इस्तेमाल में आने वाले 10 और 15 एचपी के इंजिन हैं। जो छोटे मोटरबोट में आसानी से लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 40 और 30 हार्स पावर के इंजिन बड़े मोटर बोट और बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में ही काम में लाए जा सकते हैं। अधिक हार्स पावर के इंजिन छोटे मोटरबोट में लगाए नहीं जा सकते क्योंकि अत्यधिक गतिशील होने के कारण वे अत्यधिक गति से पानी में चलते हैं।
अन्य जिलों से बुलवाए थे गोताखोर
मंडला होमगाड्र्स की विवशता है कि 20 जून 2019 को जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर स्थित नारायणगंज ब्लॉक, टिकरिया थानांतर्गत मेहगांव के समीप बीच नर्मदा में नाव डूबने से 4 महिलाओं और एक बालक की मौत हो गई। गहरे पानी के कारण जिले के होमगाड्र्स रेस्क्यू में उतनी अधिक मदद नहीं कर पाए क्योंकि उनके पास गोताखोर ही नहीं हैं। जबलपुर और सिवनी जिले से गोताखोरों को बुलवाया गया। इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद कोई सबक नहीं लिया गया है और अब भी होमगार्ड के पास सिर्फ दो मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रस्से, हुक आदि हैं, गोताखोर एक भी नहीं और न ही कोई अतिरिक्त मोटरबोट। बारिश का मौसम है, अतिवृष्टि और बाढ़ के दौरान रेस्क्यू कैसे किया जाएगा, इस प्रश्न का उत्तर विभाग के पास नहीं। इस बारे में सालीवाहन पांडे कंपनी कमांडेंट, होमगार्ड, मंडला का कहना है कि जो भी कमियां हैं, उन्हें जिला प्रशासन की मदद से शीघ्र दूर करने का प्रयास किया जाएगा।