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रोजी-रोटी के लिए मजबूर मजदूरों का टूटा सब्र, अधिकारियों को पेड़ में बांधा, बोले- पहले मजदूरी दो

रोजी-रोटी के लिए मजबूर मजदूरों का टूटा सब्र, अधिकारियों को पेड़ में बांधा, बोले- पहले मजदूरी दो

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रोजी-रोटी के लिए मजबूर मजदूरों का टूटा सब्र, अधिकारियों को पेड़ में बांधा, बोले- पहले मजदूरी दो

रोजी-रोटी के लिए मजबूर मजदूरों का टूटा सब्र, अधिकारियों को पेड़ में बांधा, बोले- पहले मजदूरी दो

मजदूरों ने उपयंत्री, सरपंच, रोजगार सहायक, मेट को बनाया बंधक
लॉक डाउन में आर्थिक तंगी झेल रहे मजदूरों का टूटा सब्र
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बनाया बंधक।
२१ ग्रामीणों को समझाईश देते अधिकारी व जनप्रतिनिधि।
निवास. लॉक डाउन ने मजदूरों की कमर तोड़ दी है। बाहर काम छोड़कर गांव लौट आए हैं और जो गांव में शासकीय कार्य किए हैं उनका समय पर भुगतान नहीं हो रहा। काम न मिलने और पैसे की तंगी के बाद मजदूरों का सब्र टूटने लगा है और भूख से बिलखते अपने बच्चो ंको देखकर वे शासकीय अधिकारियों से दुवर््यवहार पर उतर आए हैं।
ऐसा ही मामला निवास जनपद के ग्राम पंचायत भीखमपुर में सामने आया है। जहां मनरेगा के तहत खेत में कार्य कर रहे मजदूरों ने सब इंजीनियर को बंधक बना लिया। इतना ही नहीं जब पंचायत के सरपंच लखन गोटिया, मेट विरेन्द्र पाण्डेय और रोजगार सहायक बिहारी लाल समझाने पहुंचे तो उन्हें भी बंधक बना लिया गया। तीन लोगों को एक पेड़ में बांध कर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल भी कर दिए। जैसे ही घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को लगी तो खलबली की स्थिति निर्मित हो गई।
भुगतान का आश्वासन आया काम
एसडीएम ने तत्काल निवास थाना प्रभारी जयवंत सिंह को दी। थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ भीखमपुर पहुंच गए। ग्रामीणों को काफी समझाने के बाद मजदूरी भुगतान कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने तीनो को बंधक मुक्त कर दिया। बताया गया कि भीखमपुर में खेत में मनरेगा के तहत कार्य चल रहा था। बुधवार की सुबह मूल्यांकन के लिए उपयंत्री मौके पर पहुंच गए। जहां पाया कि खेत में कार्य किया गया है। वहां मजदूरों का मानव दिवस भी पूर्ण हो चुके थे। जिसके बाद उपयंत्री ने कार्य रोकने की बात कही। तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताना शुरू कर दिया और बात ही बात में पुराने भुगतान को लेकर विवाद शुरू हो गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुराने भुगतान दिलाने की मांग को लेकर उपयंत्री को बंधक बनाकर पेड़ में बांध दिया। घटना की जानकारी लगने के बाद जनपद पंचायत उपाध्यक्ष संजीत पाण्डेय भी पहुंच गए। जिन्हें मजदूरों की समस्याएं सुनी। बताया कि कुछ मजदूरों का काफी पुराना भुगतान बाकी है। जिसके निराकरण का आश्वासन दिया गया है। कार्यों का मूल्यांकन करने भीखमपुर गए हुए थे। जहां ग्रामीण पुराने भुगतान को लेकर विवाद करने लगे और बंधक बना लिया। ग्रामीणों को समझाने के लिए पहुंचे सरपंच, रोजगार सहायक व मेट को भी बंधक बनाया गया है। अरविंद मिश्रा, सब इंजीनियर जनपद पंचायत निवासमामले की जानकारी लगी थी जहां एक सब इंजीनियर, रोजगार सहायक, सरपंच और मेट को बंधक बनाया गया था।
वर्जन:
* मौके पर पहुंचकर सभी को बंधक मुक्त करा दिया गया है। लोगों की समस्या सुनने के लिए जनपद प्रतिनिधि भी पहुंचे हुए थे। जयवंत थाना प्रभारी, निवास।
* शासकीय कर्मचारियों के साथ अभद्रता सही नहीं है, ग्रामीणों से चर्चा की गई है जो भी पुराना भुगतान है उसे दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वर्तमान कार्य के भुगतान समय पर किए जा रहे हैं।
संजीत पाण्डेय, उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत, निवास

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