फेल साबित हो रही जिला अस्पताल में दो पाली
मंडला. मरीजों का राहत देने के लिए जिला अस्पताल में दो पाली में ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में सुबह 9 बजे से चार बजे तक ही उपचार किया जाता था। कुछ माह पूर्व ओपीडी के समय में परिवर्तन किया गया। जिसमें सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक पहली पाली एवं शाम को 5 से 6 बजे तक दूसरी पाली में मरीजों का उपचार किया जाना है। लेकिन दूसरी पाली में ओपीडी संचालित नहीं हो रही है। चिकित्सक ओपीडी में सेवा नहीं दे रहे। इसके चलते मरीज भी नहीं पहुंच रहे हैं। सुबह के समय विशेषज्ञ चिकित्सकों के मिलने की उम्मीद अधिक रहती है। जिसके कारण सुबह मरीजों की संख्या भी अधिक रहती है।
दो दिन में पहुंचे चार सौ से अधिक मरीज
दिवाली पर्व में 24 अक्टूबर को अवकाश के बाद 25 अक्टूबर से मरीज उपचार कराने जिला अस्पताल पहुंचे। जहां 25 अक्टूबर को 143 मरीज पहुंचे तो वहीं 26 अक्टूबर को 288 मरीजों ने अपना उपचार कराया। इस तरह दो दिन में 431 मरीजों ने ओपीडी में पंजीयन के बाद चिकित्सकों से उपचार कराया। ज्यादातर मरीज सुबह के समय ही अस्पताल पहुंचे। शाम को 5 बजे अधिक समय होने के कारण मरीज नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं सिर्फ एक घंटे के लिए भी विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी में अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। जिससे दूसरे पाली में उपचार की योजना फेल नजर आ रही है। गुरुवार की शाम अस्पताल पहुंचे कुछ मरीजों ने ओपीडी में पंजीयन कराने के बाद जब चिकित्सक के रूम पहुंचे तो कक्ष क्रमांक एक खाली मिला। जहां समान्य बीमारियों का उपचार किया जाता है। तो उन्हें 14 नंबर कक्ष में जहां इमरजेंसी उपचार के लिए चिकित्सक बैठे थे वहां उपचार कराना पड़ा। वहीं शिशु रोग व नेत्र रोग कक्ष ही चिकित्सक नजर आए। सभी कक्ष खाली पड़े हुए थे।