मंडला

स्कूली बच्चों ने प्रकृति को करीब से जाना

परिक्षेत्र जगमंडल में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन

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Jan 27, 2023
स्कूली बच्चों ने प्रकृति को करीब से जाना

मंडला. पूर्व सामान्य वन मंडल के परिक्षेत्र जगमंडल में इको पर्यटन विकास बोर्ड के तत्वावधान में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परिक्षेत्र अधिकारी जगमंडल लतिका तिवारी उपाध्याय के मार्गदर्शन में अजगर दादर ककैया में स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर अनुभूति का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवीन शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल सुरखी से 40, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मांगा से 40, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल ककैया से 40, कुल 120 छात्र-छात्राएं व शिक्षक सम्मिलित हुए। अनुभूति कार्यक्रम में सर्वप्रथम छात्र छात्राओं को स्वल्पाहार कराकर प्रकृति पथ पर वन भ्रमण कराते हुए वनों, वन्यप्राणियों वनोपज एवं वन विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों के संबंध में बताया गया। पक्षी दर्शन के दौरान विद्यार्थियों को सामान्य हरियल, चील, सतबहना पक्षी, आदि देखने को मिले बच्चों को इनकी विशेषता बताते हुए पहचान कराई गई। प्रकृति पथ पर जंगल की सैर कराते हुए परिक्षेत्र अधिकारी, जगमंडल उपाध्याय ने विद्यार्थियों से प्रकृति पर्यावरण से संबंधित रोचक पहेलियां एवं प्रश्नोत्तर पूछे। सही जवाब देने वाले बच्चों को चॉकलेट देकर उनका उत्साहवर्धन किया। विद्यार्थियों को जंगल में दीमक और चींटी की बांबी अर्थात मीठा, मधुमक्खियों के छत्ते और मकड़ियों के द्वारा जाल निर्माण की प्रक्रिया के बारे में एवं विभिन्न वृक्ष प्रजातियों के उपयोग और गुणों के बारे मे बताया। मॉडल प्रतिदर्श के माध्यम से विभिन्न वानिकी कार्यों जैसे रोपण एवं क्षेत्र तैयारी कार्य अग्नि सुरक्षा कार्यों, वाच टावर से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। काष्ठागार डिपो की कार्यप्रणाली व बोल्डर चैक डेम निर्माण कार्य के उद्देश्यों के बारे में बताया गया। अजगर के प्राकृतिक आवास अजगर दादर में यहां बच्चों को लगभग 5-6 फीट लंबाई के 4 अजगर देखने को मिले इनके प्रकृति और प्रवृत्ति के बारे मे बताते हुए मध्य प्रदेश में पाए जाने वाले जहरीले सर्पों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने वृक्षों को राखी बांध कर उनकी सुरक्षा करने के लिए संकल्प लिया इसके बाद सभी को पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए शपथ दिलाई गई। इसके बाद पत्तों से बने हुए प्राकृतिक दोना पत्तल में सभी को भोजन कराया गया। प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संदेश दिया।

कोदो की खीर चखी

भोजन के साथ बच्चों ने वन धन विकास केंद्र उत्पाद स्थानीय खाद्य कोदो की खीर तिल के लड्डू और पाचक आंवला केंडी का भी स्वाद लिया। इसके बाद बच्चों को डमशेराड गेम पहचान जरा मैं हूं कौन के माध्यम से विभिन्न वृक्ष प्रजातियों वन्य जीवों की शारीरिक विशेषताओं, प्रवृतियों, व्यवहार, आवास, भोजन एवं शिकार के तरीकें आदि से अवगत कराया। समापन सत्र में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार श्रृंखला प्रस्तुत की। पर्यावरण प्रेमी सेवा निवृत्त शिक्षक रोहिणी प्रसाद शुक्ला अंजनिया ने वन गीतों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति के संरक्षण व पर्यावरण बचान के लिए संदेश दिया। कार्यक्रम में स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य उपस्थित रहे। विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाओं एवं सफल आयोजन में परिक्षेत्र जगमंडल के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Published on:
27 Jan 2023 09:11 pm
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