मंडला. संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल लगातार 5 वें दिन भी जारी रही। इस हड़ताल से अधिकांश स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर जांच नहीं हो पा रही है। जो उप स्वास्थ्य केन्द्र संविदा एएनएम के भरोसे संचालित हो रहे हैं वहां ताला पड़ने से मरीज भटकते नजर आ रहे हैं। टीकाकरण का कार्य ठप पड़ गया है। प्रबंधन व वित्तीय स्टाफ नहीं होने से जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना के भुगतान लंबित होते जा रहे हैं। कुल मिलाकर पहले से चिकित्सकाें की कमी से जूझ रहे जिले में संविदा चिकित्सकों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है।
इतना ही नहीं जानकारी अनुसार 21 दिसंबर से अन्य रेगुलर स्टॉफ भी अपनी मांगों को लेकर धरने में बैठने जा रहा है। यदि ऐसा हुआ तो मरीजों का इलाज होना मुश्किल हो जाएगा। बताया गया कि जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन हडताल पर चले गए हैं। बता दें कि जिले में पदस्थ सभी 700 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।
मानव श्रृंखला बनाकर जताया विरोध
संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को इन कर्मचारियों ने सुंदरकांड का पाठ कर सरकार की सद्बुद्धि की कामना की, वहीं सोमवार को संविदा कर्मियों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया। इनका कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती हैं अनिश्चितकालीन हडताल जारी रहेगी। बताया कि वर्षो से संविदा कर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है लेकिन सरकार द्वारा उपेक्षा की जा रही है। जिससे नाराजगी बढती जा रही है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सोमवार को मानव श्रंखला बनाकर, नारे लगाते हुए अपने शोषण के विरोध में आवाज उठाई।
संविदा कर्मियाें ने बताया कि उनके द्वारा मांग की जा रही है कि संविदा कर्मियाें का नियमितीकरण किया जाए। नियमितीकरण होने तक 90 प्रतिशत वेतनमान का लाभ दिजा जाए। जिन कैडर के लिए पोस्ट नहीं है उनके लिए कैडर बनाकर नियमितीकरण किया जाए। आउटसोर्स कर्मियों को एनएचएम में वापस लिया जाए।