
पक्षियों की प्यास बुझाने युवाओं ने की पहल
मंडला. गर्मी आते ही हमारे साथ ही पशु पक्षियों को भी पानी की आवश्यकता अधिक होने लगती है। हम तो पानी एकत्रित करके रख लेते हैं लेकिन पशु पक्षियों को पानी की तालाश करना पड़ता है। अगर छोटा सा प्रयास कर अपने घर के आसपास पेड़ों में पशु पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था कर दें तो हर साल प्यास से मरने वाले पक्षियों की संख्या में कमी आ जाएगी। इसी उद्देश्य के साथ पत्रिका ने पक्षी मित्र अभियान शुरू किया है। जिससे जुडक़र आप इस नेक काम में अपना योगदान दे सकते हैं। पक्षियों के प्यास की चिंता करते हुए नैनपुपर विकासखंड के जहरमऊ ग्राम बच्चे व युवाओं ने हाथ बढ़ाया है। सभी ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर पक्षियों एवं पशुओं के लिए पानी, भोजन की व्यवस्था में जुट गए हैं। आस्था उईके, श्रद्धा उईके, शिवानी धुर्वे, पल्लवी धुर्वे, वंश वारेश्वा, राहुल कुमारे, भूपेंद्र परते, मुकुंद यादव, शिवनंदन सैयाम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निवास नगर सहमंत्री शिवेंद्र वारेश्वा, अंशु परधान आदि का कहना है कि गर्मी में पानी को अमृत के समान माना जाता है, मनुष्य को प्यास लगती है तो वह कहीं भी मांग कर पी लेता है, लेकिन मूक पशु पक्षियों को प्यास में तड़पना पड़ता है, हालांकि जब वे प्यासे होते हैं तो घरों के सामने दरवाजे पर आकर खड़े हो जाते हैं। कुछ लोग पानी पिला देते हैं तो कुछ लोग भगा भी देते है। इस गर्मी में पशु पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए लोगों को प्रयास करना चाहिए, गर्मियों में कई परिंदों व पशुओं की मौत पानी की कमी के कारण हो जाती है। लोगों का थोड़ा सा प्रयास घरों के आस पास उडऩे वाले परिंदों की प्यास बुझाकर उनकी जिंदगी बचा सकता है। सुबह आंखें खुलने के साथ ही घरों के आस-पास गौरेया, मैना व अन्य पक्षियों की चहक सभी के मन को मोह लेती है। घरों के बाहर फुदकती गौरेया बच्चों सहित बड़ों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है। गर्मियों में घरों के आसपास इनकी चहचहाहट बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि लोग पक्षियों से प्रेम करें और उनका विशेष ख्याल रखें। गर्मी में अपने घरों के बाहर, छतों पर पानी के बर्तन रखें और हो सके तो छतों पर पक्षियों के लिए छाया की व्यवस्था भी करें। इससे गर्मी में तापमान से राहत मिलती है और शरीर में पानी की कमी नहीं होती। वहीं मवेशियों के लिए भी अपने घरों के सामने एक पात्र रखना चाहिए। जिसमें मवेशियों के पीने योग पानी रख देना चाहिए। घरों के बाहर पानी के बर्तन भरकर टांगें या बड़ा बर्तन अथवा कोटना पानी भरकर रखें, जिससे मवेशी व परिंदे पानी देखकर आकर्षित होते हैं। छत में भी पानी की व्यवस्था करें, छायादार जगह बनाकर वहां पानी के बर्तन भर कर रखें।
Published on:
27 Mar 2022 11:37 am

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