मंदसौर.
पुलिस कंट्रोल रूम पर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बुजुर्ग महिला के साथ हुई चैन स्नेचिंग की वारदात का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। और आरोपी से सोने की चैन को बरामद किया है। पुलिस आरोपी से अन्य चोरियों को लेकर भी पूछताछ कर रही है। इस चोरी के खुलासे में सीसीटीवी कैमरे और एक आरक्षक आनंद ङ्क्षसह राठौर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि १३ अप्रेल को आदिनाथ विहार में बुजुर्ग महिला से चैन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी नटवर बागरी पिता कन्हैयालाल बागरी उम्र 33 वर्ष निवासी रिण्डा थाना अफजलपुर को गिरफ्तार किया है। और उससे चैन बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी नटवर बागरी ने पूछताछ में बताया कि वह शराब पीने व अय्याशी करने का आदि है। और मन्दसौर में पहले मजदूरी का काम करता था। इसलिए मदसौर की सभी कालोनियों से परिचित था। मुझे अय्याशी के ंलिए रुपयों की आवश्यकता होने से मेैं १३ अप्रेल को मंदसौर आया और मन्दसौर आकर बिना मेहनत किए अधिक रुपए कमाने के लालच में सुनसान इलाकों में बुजुर्ग महिलाओ की रैकी कर लूट करने की योजना बनाई। क्योंकि बुजुर्ग महिलाएं ना तो भाग सकती है और ना विरोध कर सकती है। यही सोच कर बुजुर्ग महिला के पास जाकर उसके गले से सौने की चैन खींची और उसे धक्का देकर भाग गया । नेहरु बस स्टेण्ड से बस में बैठकर अपने गांव रिंडा चला गया था। घटना के बाद मंदसौर आकर बस स्टेण्ड के पास स्थित सुनार की दुकान पर चेन बेचने के लिए गया था लेकिन चेन का बिल नहीं होने से दुकानदार ने चेन लेने से मना कर दिया। उसके बाद शुक्रवार को फिर से चेन बेचने के लिए मंदसौर आया। उन्होंने बताया कि आरोपी को आरक्षक आनंद ङ्क्षसह ने देखा और तत्काल थाने पर सूचित किया। जिसके बाद आरोपी को पकड़ा।
सीसीटीवी कैमरे बहुत जरूरी
सावधानी और एहतियातन गली या कॉलोनी में कैमरे होना बहुत जरूरी है। जिसके चलते कोई भी अंजान व्यक्ति को आते जाते देख सकते है। ऐसे कई मामले है। जिनमें सीसीटीवी कैमरे ने पुलिस की मदद की है। दलौदा लूट के मामले में पुलिस ने आरोपियों की पहचान सीसीटीवी कैमरे से की थी। इसके अलावा २२ फरवरी को नरङ्क्षसह पुरा में महिला के कान के झुमके आरोपी लूट कर ले गया था। इस मामले में भी आरोपी की पहचान सीसीटीवी कैमरे से हुई थी। ऐसे एक या दो नहीं बल्कि कई मामले है। जिनमें आरेापियों को सीसीटीवी कैमरे की मदद से पकड़ा गया है। इसलिए कम से कम वे व्यक्ति तो अपने घर पर कैमरे लगा सकते है। जो सक्षम है। या फिर संस्था आगे आए और जनसहयोग से कैमरे लगाएं।