मंदसौर.
कृषि उपज मंडी में आए दिन अव्यवस्थाओं के कारण किसानों का आक्रोश नजर आता है तो अब अव्यवस्थाओं को लेकर मंडी के व्यापारियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को कृषि उपज मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं व असामाजिक तत्वों के चलते दशपुर मंडी व्यापारी संघ ने ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने चेतावनी दी कि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो व्यापारी 15 मई से हड़ताल पर जाएंगे और नीलामी में भाग नहीें लेंंगे। ऐसे में अब मंडी प्रशासन भी मुश्किल में फस गया है।
दशपुर मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र नाहर ने बताया कि मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधारने को लेकर पूर्व में भी पत्रों के माध्यम से व बैठको में मंडी प्रशासन से मांग कर चुके है, लेकिन निराकरण अब तक नहीं निकला और समस्या यथावत बनी हुई है। मंडी प्रशासन की अदूरदर्शिता तथा मैनेजमेंट सही नहीं होने से मंडी प्रांगण में दिन एवं रात को कृषकों की उपज अनियंत्रित तरीके से मंडी के अंदर प्रवेश करा दी जाती है जिससे उस उपज के ढेर मंडी में कहीं भी लगा दिए जाते है और मंडी में रास्ते अवरुद्ध हो जाते है। इससे आवाजाही भी ठीक से नहीं होती है। व्यापारी के गोदाम के बाहर भी उपज के ढेर लगा दिए जाते है जिससे व्यापारी को लोडिंग-अनलोडिंग में भी समस्या होती है। रास्ते में ढेर लगने से किसान तथा व्यापारी को माल इधर उधर ले जाने में काफी परेशानी आती है। कई बार ढेर भी एक दूसरे जिंस में मिल जाते है और विवाद की स्थितियां निर्मित होती है तथा व्यापारी को माल बाहर भेजने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लहसुन एवं प्याज में किसानों द्वारा कहीं पर भी ढेर लगा दिए जाते है जिससे ठेलागाड़ी से बेचा हुआ माल का काफी नुकसान का सामना व्यापारी को करना पड़ता है।
असामाजिक तत्व सक्रिय है, सुरक्षा गॉर्ड की भूमिका संदेह के घेरे में
नाहर ने बताया कि मंडी में असामाजिक तत्व सक्रिय है जो माल में मिलावट करते है तथा चोरी की घटनाओं को अंजाम भी दे रहे है। सुरक्षा एजेंसी के गार्ड भी निष्क्रिय नजर आते है। यह असामाजिक तत्व नीलामी के समय भी अवैध रूप से हस्तक्षेप करते है जिससे व्यापारियों व कृषकों के बीच विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। मंडी में बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था होने के बाद भी मंडी व्यवस्था में कहीं भी उनकी उपस्थिति नजर नहीं आती है। इस प्रकार की बिगड़ी व्यवस्था में सुरक्षा गार्ड की भूमिका भी संदेह को जन्म देती है जो कि जांच का विषय है। मंडी प्रशासन की अनदेखी के चलते इस तरह की घटनाओं से व्यापारियों में रोष व्याप्त है। कई बार मंडी प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से कहने पर भी मंडी प्रशासन समस्याओं का निदान नहीं कर पा रहा है। मंडी में व्यवस्था एवं असामाजिक तत्वों के संबंध में कई बार मंडी प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है। जिसको लेकर व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है। मंडी प्रशासन की अनदेखी को देखते हुए दशपुर मंडी व्यापारी संघ की बैठक में निर्णय लिया है कि अव्यवस्थाएं सुधरने तक 15 मई से समस्त व्यापारी नीलामी में भाग लेने में असमर्थ रहेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में मंडी व्यापारी उपस्थित थे।