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गांधीसागर, काका गाडगिल, रेतम बैराज से लेकर सभी तालाब, बैराज लबालब भरे, रबी में नहीं होगी सिंचाई के लिए पानी की कमी

गांधीसागर, काका गाडगिल, रेतम बैराज से लेकर सभी तालाब, बैराज लबालब भरे, रबी में नहीं होगी सिंचाई के लिए पानी की कमी

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गांधी सागर में क्षमता से दोगुनी पानी की आवक

राजस्थान व मध्यप्रदेश में हाई अलर्ट जारी, थोड़ी देर में खुलेंगे गांधी सागर के सभी गेट


मंदसौर.
जिले में इस बार औसत से अधिक बारिश हुई है। ऐसे में जलस्रोत लबालब भरे है तो अधिकांश जगहों पर तो छलक रहे है। गांधीसागर बांध हो या मल्हारगढ़ क्षेत्र में काका गाडगिल और रेतम बैराज सभी बड़े बैराज छलक रहे है। तो वहीं तालाब से लेकर सोलिड वियर भी भरे है। ऐसे में रबी सीजन में सिंचाई के लिए किसानों को पानी की कमी नहंी होगी इससे बंपर उत्पादन रबी सीजन में होगा। खरीफ सीजन में भी अब तक फसल के अनुकूल बारिश हुई है। सिंचाई विभाग की परियोजनाओं के अलावा भी पंचायतों के तालाब व नदियों व खाल पर बने डेम व चेक डेम में पर्याप्त पानी है तो किसानों के निजी जलस्रोत भी लबालब भरे है। ऐसे में सिंचाई अच्छी होगी तो गेहूं भी बंपर होगा। खरीफ सीजन के अंतिम दौर में विभाग अब रबी सीजन की प्रारंभिक तैयारियों में जुट गए है। जलस्रोतों में पानी होने से किसानों से लेकर विभाग भी खुश नजर आ रहा है। हालांकि वर्ष २०१९ में जिले में आई बाढ़ में जो तालाब क्षतिग्रस्त हो गए थे उन्हें अभी भी मरम्मत का इंतजार है। और इसके चलते यह खाली पड़े है। मंदसौर से लेकर शामगढ़, सीतामऊ व मल्हारगढ़ क्षेत्र में पर्याप्त बारिश से रबी सीजन से पहले ही किसान खुश नजर आ रहे है।


यह तालाब शतप्रतिशत भरें
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी अनुसार मंदसौर क्षेत्र में विभाग के कुल 48 तालाब एवं 22 सोलिड वियर, बैराज है। इनमें से अब तक हुई बारिश से अजयपुर, असावती, आसपुरा, बहीखेड़ा, बनी, भर्डावद, चौसला, धर्मराजेश्वर, ढाबलादेवल, देवरी, देवरियाविजय, दलौदासगरा, ढिकोला, फतेहपुरचिकली, गोपालपुरा, जुनापानी, झागरिया, खेजडिय़ामेघा, कोटेश्वर, करडिय़ा, काका साहब गाडगिल सागर, खोडाना, कोटड़ामाता, लामगरा, मूंदड़ी, मिंडलाखेड़ा, मुंजियाखेड़ी, नंदावता, नकेडिय़ा, निम्बोद, रतनपिपलिया, रहीमगढ़, रलायता, सेमलीकाकड़, टकरावद, वाकली तालाब में शतप्रतिशत पानी है।


बैराज लबालब तो कुछ रह गए पूरे खाली
तालाबों के अलावा सोलिड वियर एवं बैराज भी लबालब है। इनमें से अरनियामीणा, आवना नाला, अड़मालिया, भरतपुरा, बुगलिया नाला, धाकडख़ेड़ी्र, ढाबला, ढिकोला, फतेहगढ, गोपालपुरा, माउखेड़ी, नागखजूरी मेरियाखेड़ी बैराज, पाडलियालालमुंहा, पीपलखेड़ी, पित्याखेड़ी, सोनगर पित्याखेड़ी सोलिड वियर शतप्रतिशत भरा हुआ है। वहीं आवना हरनीखेड़ा सोलिड वियर, धाकडख़ेड़ी, इशाकपुर, मोलियाखेड़ी पूरी तरह से खाली है। वहीं सेमली बैराज भी पूरा खाली है।


ये तालाब अब तक खाली
औसत से अधिक बारिश होने के बाद भी चंदवासा, हासली, पानपुर बड़ोद इन तीन तालाबों में पानी नहीं भरा है। तीनों तालाब फूटे होने व अन्य कारणों से अब तक खाली है। इनमें पानी एक भी प्रतिशत नहंी भरा है। इसके अलावा आक्याबिका तालाब 85, भालोट तालाब 50, दौरवाड़ा तालाब 87, घटोदा तालाब 40, करोली तालाब 60, लदूना तालाब 60, रणायरा गर्रावद तालाब 92 प्रतिशत, सोमिया तालाब 96 प्रतिशत, जोथखेड़ी तालाब 75 प्रतिशत भरे है। खाली रह गए तालाब क्षतिग्रस्त होने के बाद से मरम्मत का इंतजार कर रहे है। मरम्मत के अभाव में तालाब पूरी तरह खाली रह गए तो कुछ जगहों पर तालाब में आवक कम होने से वह शतप्रतिशत नहीं भर पाए है।


१०२.६८९ एमसीएम पानी भरा, खूब होगी सिंचाई
मंदसौर क्षेत्र के कुल 48 तालाब और 22 सोलिड वियर, बैराज है। इनकी कुल क्षमता 114.227 एमसीएम पानी भराव की है। अब तक इनमें 102.689 एमसीएम पानी भर चुका है। कुल क्षमता का 89.90 प्रतिशत पानी तालाब, सोवि और बैराज में आ चुका है। ऐसे में रबी सीजन के समय भरपूर पानी सिंचाई के लिए मिलेगा।


३१ हजार ५०० हैक्टेयर का लक्ष्य
मंदसौर संभाग में गत वर्ष ३१ हजार २२० हेक्टेयर में सिंचाई के लिए परियोजनाओं से पानी दिया गया था। इस बार ३१ हजार ५०० हेक्टेयर में सिंचाई की जाएगी। वर्ष २०१९ की बाढ़ में जो तालाब क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें छोड़ सभी जगहों पर पानी अच्छा एकत्रित हुआ है। कुछ ही तालाब खाली रहे है अधिकांश बैराज, तालाब लबालब भरे है।-सुभाष चारेल, कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन विभाग, मंदसौर