मंदसौर
जिला अस्पताल कायाकल्प अभियान के अंतर्गत लगातार कई सालों से पुरुस्कार जीतता आ रहा है। जिसके चलते अस्पताल प्रबंधन ने एनक्यूएस में दावा करने को लेकर निर्णय लिया है। और एनक्यूएस के मानकों के अनुरुप कई महत्वपूर्ण सुधार जिला अस्पताल में करने की आवश्यकता है। वही सबसे महत्वपूर्ण मानक अस्पताल भवन, फायर सेफ्टी, मानव संसाधन सहित कई है। इस पर खरा उतरने के लिए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ डीके शर्मा के द्वारा कई नवाचार भी किए है। इनमें से एक काउंटर का िनर्माण अभी किया गया है।
आंतरिक रिपोर्ट के बाद होगा तय
एनक्यूएस को लेकर आंतरिक सर्वे हो रहा है। ऐसे में एनक्यूएस को लेकर स्थानीय अधिकारी स्वयं की संस्था को कितने नंबर देते है। यह रिपोर्ट में सामने आएगा। लेकिन एनक्यूएस में दावा करने के लिए सबसे बड़ा रोड़़ा पुराना भवन और मानव संसाधन की कमी है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी बहुत अधिक है। जितनी आवश्यकता है। उसकी तुलना में केवल ३० से ३५ फीसदी ही डॉक्टर जिला अस्पताल में काम कर रहे है। तो अन्य स्टाफ भी बहुत कम है। वही पुराना भवन भी एनक्यूएस के दावे पर खरा नहीं उतर रहा है। अब देखना है कि अधिकारी कैसे इन दोनों कमियों को पूरा करते है।
इनका कहना..
डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान आयुष सहित अन्य डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दी है। उनकी हड़ताल स्थगित हो गई है। एनक्यूएस को लेकर तैयारियां चल रही है। अभी आंतरिक सर्वे करवाया जा रहा है। अंातरिक सर्वे की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्य योजना बनाई जाएगी।
डॉ डीके शर्मा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल।