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शराब पर 10 प्रतिशत की छूट – विधायक बोले यह शासन का निर्णय नहीं

अब एमपी के मंदसौर में एक बेतुका फैसला लिया गया है। यहां 10 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है।

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शराबियों के लिए ये कैसा फैसला, विधायक बोले यह शासन का निर्णय नहीं

शराबियों के लिए ये कैसा फैसला, विधायक बोले यह शासन का निर्णय नहीं

मंदसौर. मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन से लेकर आमजन तक हर संभव प्रयास कर रहे हैं। राशन, अस्पताल सहित कई स्थानों पर सुविधाएं तभी दी जा रही है, जब व्यक्ति दोनों डोज लगा होने का प्रमाण पत्र दिखाता है। जिसने कोरोना के दोनों डोज नहीं लगवाए हैं। वह कई सुविधाओं से वंचित भी हो सकता है। इसी बीच अब एमपी के मंदसौर से एक बेतुका फैसला लिया गया है। यहां वैक्सीन की दोनों खुराक का सार्टिफिकेट दिखाने वालों को 10 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। जो जनप्रतिनिधियों को भी रास नहीं आ रहा है।

कोविड टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के प्रयासों के बीच मंदसौर में दोनों डोज का सर्टिफिकेट दिखाने वालों को शराब खरीदने पर 10% तक छूट देने का आदेश जारी किया गया है। जिला आबकारी अधिकारी अनिल सचान ने तर्क दिया कि वैक्सीनेशन में सहयोग करने और दोनों डोज लगने का प्रमाण-पत्र दिखाने पर शहर की तीन शराब दुकानों पर 10% की छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका मकसद शराब का सेवन करने वाले लोगों को वैक्सीन के प्रति प्रोत्साहित करना है।

ये नवाचार उचित नहीं
विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने कहा कि यह नवाचार उचित नहीं है और न ही यह शासन का निर्णय है। इससे पीने वालों का आकर्षण बढ़ेगा।

अधिकारी बोले-दारू पीने वाला झूठ नहीं बोलता, मेरा अनुभव है'

हाल ही में खंडवा जिला आबकारी अधिकारी आरपी किरार ने शराब दुकान संचालकों को आदेश जारी कर कहा था कि ग्राहक से दोनों डोज लगे होने की जानकारी लेकर शराब बेचें। इसके लिए सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। किरार ने इस पर अजीब बयान दिया था। उन्होंने कहा, मेरा अनुभव है कि दारू पीने वाला सही बोलता है, झूठ नहीं बोलता। जो ग्राहक सही बोलेगा- उसे ही शराब दी जाएगी।