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शहर ही था उनका घर और शहरवासी थे परिवारजन

शहर ही था उनका घर और शहरवासी थे परिवारजन

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शहर ही था उनका घर और शहरवासी थे परिवारजन

मंदसौर.
नपाध्यक्ष स्व. प्रहलाद बंधवार के लिए शहर ही उनका घर था और शहरवासी उनका परिवार। घर से ज्यादा समय वे अपने शहर में रहते थे। किसी का भी फोन आ जाता था तो परिवारजनों को कुछ बताए बिना ही वे तुरंत पहुंच जाते थे। गरीब व मध्यम वर्ग की सहायता के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे। यह बात ‘पत्रिका’ से चर्चा में ‘दादा’ के परिजनों ने कहीं। पुत्र नरेंद्र बंधवार ने बताया कि उन्होंने आखिरी बार उन्हें तीन दिन पहले देखा था। चूंकि उनके घर आने- जाने का कोई समय निर्धारित नहीं था, ऐसे में नरेंद्र के उठने से पहले ही वे घर से निकल जाते थे। वहीं रात में ११-१२ बजे तक आते थे। वहीं नरेंद्र की माता कौशल्या बंधवार के अनुसार आखिरी बार वे घर पर गुरुवार की दोपहर १२ बजे भोजन करने के लिए आए थे। उसके बाद से वे शहर में ही थे। रात को उनको गोली मारने की सूचना मिली। परिवारजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि प्रहलाद के दो पुत्र नरेंद्र व लखन एवं पुत्री हितेशा है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार ने १९ जनवरी की सुबह १०-११ के बीच भावसार समाज की बावड़ी के शिलान्यास कार्यक्रम का तय किया था। उन्होंने विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया से गुरुवार दोपहर एक बजे बात कर कार्यक्रम तय किया था। नगरपालिका ओएस प्रमोद जैन ने बताया कि करीब चार बजे उन्होंने कई फाइलों पर साइल किए थे। इसमें निर्माण कार्य, नामातंरण कार्य, विकास शाखा और शायद सबसे अंतिम फाइल लेखा शाखा की दैनिक वेतन कर्मचारियों के वेतन पर हस्ताक्षर किए थे।
पुलिस अफसरों व तस्करों के गठजोड़ों का हो खुलासा
जिले में नपाध्यक्ष की हत्या पर हमलावर हुई भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री सुभाष सोजतिया ने कहा कि मंदसौर जिले के कई थानों में अब ऐसे अधिकारी पदस्थ हैं, जिनका गिरोहों से नाता है और वे तस्करों से गठजोड़ बनाए हुए हैं इन लोगों को जिम्मेदार पदों से हटाया जाना चाहिए। सोजतिया ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा के शासनकाल में थाने नीलाम होते रहे हैं, कई थानेदार तो गिरोह बनाने का काम करने लगे थे। कई स्थानों पर अब भी ऐसे थानेदार व पुलिस अधिकारी जमे हुए हैं। कांग्रेस की सरकार को आए एक माह हुआ है, हालात बदलने की कोशिश हो रही है। सोजतिया ने कहा कि यह दुख का विषय है कि एक सभ्य व्यक्ति की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई है, हत्या में उस व्यक्ति का नाम सामने आया है, जो स्वयं तस्करों के गिरोह का सदस्य है।