
कोर्ट ने विभागों को किया था तलब, रिपोर्ट तैयार करने में जुटे है कई विभाग
मंदसौर । शिवना शुद्धिकरण के तमाम दावे नदी के हालातों को देख ढकोसले ही साबित हो रहे है। पिछले एक दशक से अधिक समय से शिवना को शुद्ध करने की बातें हो रही हैतो नपा इसके लिए पैसा खर्च भी कर रही है, लेकिन शिवना शुद्ध होने के बजाए दिनोंदिन मैली होती जा रही है। अब तो शिवना के प्रदूषण का मामला कोर्ट में भी चला गया है। कोर्ट ने अनेक विभागों को तलब कर रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद विभाग रिपोर्ट बनाने में जुटे हुए है। ९ फरवरी को इन विभागों को एक संयुक्त रिपोर्ट बनाकर कोर्ट में सब्मिट करना है। इसमें शिवना के प्रदूषण के कारणों के साथ कहां-कहां से शिवना दूषित हो रही है। इसका भी उल्लेख करना है। इसके अलावा शिवना को शुद्ध करने की योजना के साथ अब तक इसके लिए किए गए कामों को ब्यौरा भी यहां देना है। हालांकि विभाग भले ही अपनी रिपोर्ट में जो भी कारण बताए, लेकिन शिवना के प्रदूषित होने के कारण तो पूरे शहर के सामने है।
९ फरवरी तक ५ विभाग तैयार कर सौंपेगे रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार नगर पालिका, जल संसाधन विभाग, पीएचई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कोर्ट ने शिवना मामले की रिपोर्ट तलब की है। यह मामला जनलोकपोयोगी शिकायत सेवा में चल रहा है। ९ फरवरी तक विभागों को इसकी रिपोर्ट तैयार कर पुख्ता कारण इसमें दिखाना होगे और नदी के प्रदूषण को दूर करने के उपाए और किए जाने वाले काम भी इस रिपोर्ट में बताना होगें। सालों से मैली होती चली जा रही शिवना के प्रदूषण पर कोर्ट के रिपोर्ट तलब करने के बाद से आस जागी है कि इस बार शिवना श्ुाद्धिकरण के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाएंगे और कागजों से बाहर निकलकर जमीनी स्तर पर काम दिखेगा।
नदी ने ओढ़ी काई की चादर
शिवना नदी तेजी से प्रदूषित होती जा रही है।अब तो आलम यह हो गया कि नदी के समीप के क्षेत्रों से गुजरने के दौरान यहां दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। नदी में जो पानी हैवह भी पूरी तरह काला होकर बदबूदार हो गया है। शिवना इन दिनों गंदे नाले सी दिखाई देने लगी है। वर्तमान में इसके ऊपर काई जमने का दौर शुरु हो गया है जो तेजी से बढ़ रहा है। दो दिन पहले जहां हल्की काई दिख रही थी, वहां अब पूरी नदी में यह हरी काई दिख रही है। मानों शिवना ने हरी काई की चादर ओढ़ ली हो।
नपा के पास फाईलों में तैयार योजना, काम कब होगा नहीं पता
नपा में जब भी शिवना का मुद्दा उठता है तो नपा शिवना शुद्धिकरण के लिए बनी योजना का जिक्र करती है। फाईलों में तो सालों से नपा ने शिवना शुद्धिकरण की यह योजना तैयार कर रखी है, लेकिन नपा के दफ्तरों में फाईलों में तैयार यह योजना जमीन पर कब उतरेगी। यह किसी को पता नहीं है। सालों बाद भी शिवना में मिल रहे गंदे पानी को रोका तक नहीं जा सका और न हीं जहां से गंदा पानी मिल रहा है। उन कारणों का कोई जिग्र करता है। ऐसे में शिवना कैसे शुद्ध हो पाएगी। यह बड़ा सवाल बन गया है। नपा कोर्ट में फिर से यहीं तैयार रिपोर्ट रखने की तैयार में है। और १२ करोड़ की शिवना शुद्धिकरण से जुड़ी योजना कोर्ट को दिखाई जाएगी, लेकिन कब शिवना को मैला होने से रोकने के लिए काम होगे और शुद्धिकरण का सपना असल में कब पूरा होगा। यह भी बड़ा सवाल बन गया है। शिवना के वर्तमान हालात शहर के वातावरण को दूषित करने वाले हो गए है।
Published on:
23 Jan 2019 08:00 am
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