मंदसौर.
शहर के मध्य तेलिया तालाब में प्रदूषण का स्तर इन दिनों इतना बढ़ गया है जलीय जीवों भी दम तोड़ रहे है। तालाब में केमिकल युक्त पानी के कारण छाग दिखने लगे है। वहीं एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों का सीवरेज भी नालों से इसमें आ रहा है। ऐसे में मछलियां प्रदूषण की जद में आकर दम तोड़ रही है। शुक्रवार को दोपहर में तालाब के किनारों पर चारों ओर मरी हुई मछलियां दिखी तो अचानक खलबली मच गई। लोगों ने नगर पालिका को सूचना दी ओर नपा के स्वास्थ्य अमले ने भी तालाब पर पहुंचकर सफाई कराने के साथ मरी हुई मछलियों को निकाल लिया। लेकिन तालाब में बढ़ते प्रदूषण पर हर कोई मौन है।
जलस्रोतों में बढ़ते प्रदूषण से थम रही जीवों की सांसे
पहले शिवना में भी ऐसे नजारें दिखते है। इस बार तालाब में भी ऐसे हालात दिख रहे है। शिवना नदी में भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। लेकिन इन दिनों शिवना में पानी छोड़ा तो नदी में पानी अधिक होने से प्रदूषण का ग्राफ नहीं बढ़ा इसलिए अभी शिवना में मछलियों के मरने की स्थिति इस बार नहीं बनी लेकिन तेलिया तालाब में भीषण गर्मी के दौर में तालाब का जलस्तर जैसे ही कम हुआ तो प्रदूषित पानी का स्तर बढ़ गया। इससे पूरा तालाब ही प्रदूषित ओर केमिकल युक्त पानी वाला हो गया। इसके कारण मछलियों के मरने का सिलसिला शुुरु हो गया। जलस्रोतों में बढ़ते प्रदूषण के कारण इनमें जलीय जीवों का जीवन भी मुश्किल हो गया है और पानी में ही मछलियां दम तोड़ रही है।
एनजीटी के निर्देश फिर भी प्रदूषण नहीं रोक पा रही नपा
एनजीटी कोर्ट ने तेलिया तालाब मामले में नगर पालिका को स्पष्ट निर्देश दे रखे है कि तालाब में मिल रहे प्रदूषित पानी को रोका जाए। नपा ने मिल नहे नालों के पानी का डायवर्ड करने के लिए करीब ५ करोड़ की डीपीआर भी तैयार की लेकिन प्रक्रिया इससे आगे नहंी बढ़ी। ऐसे में हर दिन कई कॉलोनियों से निकलने वाला सीवरेज व फैक्ट्रियों का पानी नालों के माध्यम से तालाब में मिल रहा है और शहर के मध्यम स्थित तैलिया तालाब जहां हर दिन कई लोग घुमने-फिरने पहुंचते है वहीं इंतजाम ठीक नहीं है। एनजीटी के अनुसार तालाब में मिल रहे सीवरेज का ना रोक पाने पर हर माह नपा पर ५ लाख तक के जुर्मााने के निर्देश है लेकिन एक डीपीआर बनाकर नपा ने अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली है। वहां प्रदूषण के कारण अब इसमेंं मछलियों भी मर रही है।
सफाई करवाई
नपा के स्वास्थ्य अधिकारी हेमचंद्र शर्मा ने बताया कि तालबा में मछलियों के मरने की सूचना पर टीम को भेजा था। वहां मछलियों को बाहर निकलवाया गया और सफाई करवाई गई है।