
शिवना तट पर आस्था के साथ परंपराओं का हुआ दीपदान
मंदसौर.
भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पर मंगलवार को कार्तिक की पूर्णिमा पर हजारों लोग पहुंचे। मंदिर दर्शन का दौर दिनभर चला तो शिवना के घाटों पर परंपराओं के साथ आस्था के दीपदान का दौर भी शाम को हुआ। ग्रहण के कारण इस बार दोपहर में दीपदान कम हुआ तो एक दिन पहले ओर एक दिन बाद भी यहां दीपदान का दौर ग्रहण के कारण चलेगा। लेकिन दिनभर भक्त जिलेभर से मंदिर परिसर में पहुंचे। पूर्णिमा के साथ ही पशुपतिनाथ मंदिर पर नपा द्वारा लगाए जा रहे कार्तिक मेले की रंगत भी जम गई ओर भीड़ देखी गई। दो साल से कोविड के कारण मेले में उत्साह नहीं था। इस बार है ओर भीड़ भी बढ़ी हालांकि ग्रहण के कारण पूर्णिमा पर भी अपेक्षा के अनुरुप भीड़ नहीं रही। शिवना की लहरों पर आस्था के साथ परंपराओं का दीपदान किया गया। वहीं मंदिर क्षेत्र में चहल-पहल दिनभर देखी गई। हालंाकि पिछले सालों की तुलना में इस साल पूर्णिमा पर अब तक के इतिहास की कम भीड़ मंदिर पर शिवना के घाटों पर पहुंची।
हालंाकि उत्साह व श्रद्धा का अनूठा संगम दीपदान के दौरान देखा गया।
आस्था पर लगा ग्रहण इसलिए कम रही भीड़
कार्तिक माह में पशुपतिनाथ मंदिर पर होने वाले आयोजनों के साथ दीपदान में ग्रहण लगा। ग्रहण के कारण भीड़ कम रही। दीपदान करने भी जिले से लेकर आसपास गांवों से आने वाले भक्तों की संख्या कोरोना के कारण कम रही तो शहरवसी भी बहुत कम संख्या में पहुंचे, लेकिन जो लोग यहां पहुंचे वह भी पिछले कई माह में सबसे अधिक की संख्या रही। मंदिर और शिवना पर पिछले कई माह के बाद इतनी संख्या और भक्तों की आवाजाही का दौर दिखा। आस्था और उल्लास के साथ पहुंचे और परंपरा का निर्वहन किया।
पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए दिखी सबसे अधिक भीड़
भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पर पिछले लंबे समय बाद भीड़ दिखाई दी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर पर दर्शन करने के लिए भक्तों की संख्या को देख मंदिर पर लंबे समय बार सन्नाटा टुटा। मंदिर पर दर्शनों के लिए लंबी लाईन लगी। पूर्णिमा के अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ का अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह से लेकर देरशाम तक मंदिर पर भक्तों की भीड़ लगी रही तो वहीं मेले में भी अनेक लोग पहुंचे। दिनभर की अपेक्षा शाम को ग्रहण खत्म होने के बाद भीड़ अधिक रही।
हर बार १५ हजार से अधिक इस बार ५ हजार रहा आंकड़ा
मंदिर से मिली जानकारी के अनुसार कार्तिक माह में हर बार लगने वाले मेले के दौरान आने वाली पूर्णिमा पर दीपदान और दर्शन को लेकर हजारों का हुजूम उमड़ता है। करीब १५ से २० हजार से लेकर पूर्णिमा पर इस परिसर में भक्तों की संख्या ३० हजार से अधिक होती है, लेकिन इतिहास में पहली बार संख्या में कमी आई। ग्रहण के कारण ऐसा रहा। दिनभर में करीब ५ हजार के आसपास ही भक्त यहां पहुंचे। दिनभर पशुपतिनाथ में दर्शनों के साथ शिवना के घाटों पर दीपदान का दौर चलता रहा। वहीं दीपदान और मंदिर पर भक्तों की संख्या को देखते हुए पुलिस के साथ ही अन्य महकमा भी यहां दिनभर तैनात रहा।
मेले में दिखी रौनक, पांच दिन बाद दिखी रंगत
४ नवंबर से मेले की शुरुआत पाटोत्सव के साथ हुई। हालांकि दुकानें जमने का दौर अब भी जारी है। इस बीच मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के चलते पशुपतिनाथ मंदिर पर लग रहे मेले में भीड़ रही। दिनभर मेले में ग्रामीण अंचल से लोगों की आवाजाही रही तो ग्राहकी का भी दौर चला। वहीं झुले-चकरी के आंनद लेने के लिए भी बच्चों की भीड़ रही। दिनभर के बाद शाम को मेले की रंगत हर और दिखी और आकर्षक विद्युत सजावट के बीच मेले में झुले-चकरी के आंनद लेने के साथ ही खरीददारी और घुमने-फिरने के लिए लोग पहुंचे। मेले की रंगत पांच दिन बाद अब दिखाई देने लगी।
Published on:
09 Nov 2022 10:55 am
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