मंदसौर

रबी में जिले में बढ़ेगा गेहूं का रकबा तो खाद को लेकर अभी से अन्नदाता कतारों में

रबी में जिले में बढ़ेगा गेहूं का रकबा तो खाद को लेकर अभी से अन्नदाता कतारों में

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Oct 12, 2022
kisan desi jugaad


मंदसौर.
खरीफ सीजन की फसल अब घर आने लगी है तो कही घर आने की तैयारी में है। ऐसे में किसान अब रबी फसल के लिए खाद-बीज की जुगाड़ में लग गए है तो वहीं विभाग भी अपनी तैयारियों ेंमें लग गया है। रबी सीजन में सबसे अधिक खाद के लिए विभाग को मशक्कत करना पड़ती है। जिले में खाद की उपलब्धता के विभाग के दावों के बीच अभी से ही किसान खाद के लिए कतारों में लग रहा है। इस बीच जिले में पानी की उपलब्धता के चलते इस बार भी गेहूं का रकबा बढ़ेगा तो उत्पादन भी अच्छा होने की उम्मीद किसान व विभाग जता रहे है। रबी सीजन में खाद-बीज के लिए अभी से ही खाद के भंडारण का काम शुरु कर दिया है।


बारिश ने बढ़ाया गेहूं का रकबा तो चने का हुआ कम
वर्ष २०१९ में जिले में बाढ़ आई थी। इसके बाद से बारिश का ग्राफ जिले में सामान्य या इससे अधिक ही चल रहा है। इसी कारण हर बार रबी सीजन में गेहूं का रकबा बढ़ता जा रहा है। इस बार भी जिले में सामान्य से करीब १० इंच यानी औसत ४३ इंच बारिश जिले में हुई है। इसी कारण गेहूं का रकबा अधिक हुआ है और पानी की उपलब्धता के कारण ही जिले में इस बार रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन अधिक माना जा रहा है। इसी कारण गेहूं का रकबा बढ़ा है तो ठंड अधिक होने की संभावना के चलते चने का रकबा कम किया गया है। तो वहीं सरसों व अलसी का रकबा भी जिले में इस बार बढ़ा है।


जिले में खाद की उपलब्धता आंकड़ों में ऐसे समझें
गत वर्ष रबी सीजन के आंकड़ों को देखे तो जिले में ३६ हजार ६२७ मैट्रिक टन यूरिया वितरित हुआ था। तो वहीं ६ हजार ३२ डीएपी, ७ हजार १३७ एनपीके के साथ ही ३९ हजार ६२८ मैट्रिक टन एसएसपी का जिले में वितरण हुआ था। इसके बाद भी पूरे समय खाद की कमी बनी रहती थी। इस बार भी रबी सीजन को लेकर खाद के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है। विभाग का कहना है कि २५ प्रतिशत खाद गत वर्ष की तुलना में आ चुका है। गत वर्ष के अनुसार ही मांग के अनुसार खाद मिलता रहेगा। इस बार अब तक ९ हजार ४४३ मैट्रिक टन खाद उपलब्ध है। तो वहीं ५ हजार १० मैट्रिक टन डीएपी, ९३८ मैट्रिक टन एमओपी, ४ हजार ९१७ मैट्रिक टन एनपीकेएस, ८ हजार ६२० मैट्रिक टन एसएसपी का भंडारण विभाग ने कर रखा है। रबी सीजन की बोवनी के बाद यूरिया सहित खाद की मांग बढ़ेगी। माना जाता है कि खरीफ सीजन की अपेक्षा रबी सीजन में ही खाद की मांग अधिक रहती है।


वितरण से लेकर अधिक स्टॉक वाली जगहों पर रहेगी विभाग की नजर
कृषि विभाग का दावा है कि इस बार खाद वितरण पर अधिक फोकस किया जा रहा है। अधिक दुकानों पर खाद रहेगा तो चुनिंदा दुकानों पर लाईन नहीं लगेगी। इसी योजना से खाद वितरण को आसान करने की प्लाङ्क्षनग है तो अधिक स्टॉक वाली दुकानों पर विभाग अधिक नजर रहेगा। खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों तक खाद पहुंचे इसके लिए अभी से प्लानिंग की जा रही है।


फैक्ट फाइल...
रबी सीजन में इतने क्षेत्र में होगी बोवनी
फसल 2021.22 पूर्ति रबी लक्ष्य 2022-23
गेहूं 214.79 215
चना 32.84 30
मसूर 4.8 5
सरसो 19.44 20
अलसी 18.32 20
अनाज एवं खाद्यान्न- 250
योग तिलहन-40
नोट-आंकड़े हैक्टेयर में है


पर्याप्त मात्रा में मिल रहा खाद
वर्तमान स्थिति में जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद है। दिसंबर तक खाद मिलता रहेगा। ९ हजार ४४३ मैट्रिक टन यूरिया अभी स्टॉक में है। मांग के अनुसार आता रहेगा। वहीं इस बार रबी सीजन में गेहूं का रकबा बढ़ेगा। पर्याप्त बारिश के कारण चने का रकबा कम और गेहूं का अधिक किया गया है। कालाबाजारी ना हो और किसानों तक खाद पहुंचे ।खाद वितरण बेहतर हो इसके लिए प्लानिंग की है। जहां अधिक स्टॉक है वहां विभाग की नजर रहेगी। -आंनद कुमार बड़ोनिया, उपसंचालक, कृषि

Published on:
12 Oct 2022 10:35 am
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