
sip
नई दिल्ली: कोरोना संकट ( coronavirus ) की वजह से आर्थिक हालात किसी से छिपे नहीं है । इसकी वजह से सैलेरी कटौती और नौकरी जाने का डर लोगों को बुरी तरह से सता रहा है। आलम ये है कि इनकम कम होने और नौकरी जाने के डर ( fear of jobless ) की वजह से लोगों ने निवेश को घटा दिया है। इ बात की गवाही म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एम्फी के आंकड़ों देते हैं । मई में SIP यानि SYSTEMATIC INVESTMENT PLAN रोकने और नए SIP का अनुपात अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस अनुपात को डिस्कंटीनुएंस रेशियो भी कहते हैं।
आंकड़ो के मुताबिक मई में 6.5 लाख SIP रोके गए. यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है. वहीं, 8.1 लाख नए SIP खुले भी है। मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो SIP जरूरी खर्चों में नहीं आता इसीलिए लोग आय कम होने की सूरत इनहें बंद कर सकते हैं। और यही पिलहाल लोग कर रहे हैं।
मई में हुई 3 फीसदी की कटौती- मई के महीने में कुल SIP निवेश घटकर 8,123 करोड़ रुपये रह गया। लगातार दूसरे महीन न में 3 फीसदी की कटौती हुई है। यह 11 महीनों में सबसे कम है। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी ( ICICI PRU AMC ) में रिटेल और इंस्टीट्यूशनल सेल्स के हेड अमर शाह के मुताबिक कोरोना की वजह से शेयरों में आयी तेज गिरावट के कारण लोग SIP रोक रहे हैं । दरअसल फिलहाल लोग अपने हाथों में पैसा रखना चाहते हैं। जिसके चलते SIP के रिन्युअल की रफ्तार घटी है। नए SIP रजिस्ट्रेशन में कमी आने का एक कारण लॉकडाउन के दौरान एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की शाखाओं का बंद रहना भी है।
Published on:
19 Jun 2020 11:39 pm

बड़ी खबरें
View AllShare Market News
कारोबार
ट्रेंडिंग
