
नई दिल्ली। सोने के आयात को कम करने की कोशिशों पर सरकार को बड़ा झटका लगा है। तमाम कोशिशों के बावजूद सोने का आयात घटने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। 2017 में भारत का सोना आयात 67 फीसदी बढ़कर 855 टन के स्तर पर पहुंच गया। आभूषण विक्रेताओं की ओर से स्टॉक बढ़ाने और घरेलू मांग में तेजी से आयात में यह वृद्धि दर्ज की गई है।
सोने की कीमतों में तेजी की उम्मीद
भारत और चीन दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देश कहे जाते है। इन देशों में आयात बढ़ने से करीब तीन महीने के ऊंचे स्तर पर चल रही सोने की कीमतों को और समर्थन मिलने की उम्मीद है। विदेशी बाजार में हाजिर सोने की कीमत में पिछले साल 13 फीसद की तेजी आई थी। 2010 के बाद से यह सोने का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। कंसल्टेंसी फर्म जीएफएमएस के सीनियर एनालिस्ट सुधीश नांबियाथ ने कहा, ‘2016 की आखिरी तिमाही में हुई नोटबंदी से उबरते हुए आभूषण विक्रेताओं ने पिछले साल की पहली छमाही में स्टॉक को दोबारा भरने पर जोर दिया। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि इस महीने सोना आयात दिसंबर से कम रह सकता है। कीमत में बढ़ोतरी के कारण मांग कमजोर पड़ने से यह गिरावट आएगी। हालांकि जनवरी, 2017 के 50 टन के मुकाबले आयात ज्यादा रहने की उम्मीद है।
आखिरी तिमाही में कम हुई थी खरीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर, 2016 में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रतिबंधित कर दिया था। इस कदम से बाजार में नकदी की कमी होने के कारण आखिरी तिमाही में सोने की खरीद नहीं हुई थी। 2017 में नकदी की स्थिति सामान्य होने के बाद आभूषण विक्रेताओं और डीलरों ने फिर स्टॉक बढ़ाने पर जोर दिया। अच्छे मानसून से किसानों की आय बढ़ने के कारण घरेलू मांग में भी इजाफा हुआ। भारत में सोने की कुल मांग में दो तिहाई हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र का रहता है।
Published on:
03 Jan 2018 12:03 pm
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