
RBI को वापस चाहिए 2000 रुपए के ऐसे नोट, जिसके भी पास हैं वो लौट दें-पूरे 20 हजार रुपए मिलेंगे
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में उबाल से अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया सोमवार को 88 पैसे यानी 1.26 फीसदी का गोता लगाकर 70.46 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कतर के तेल निर्यातक देशों के समूह ‘ओपेक’ से अलग होने की खबर आने के बाद कच्चे तेल में सोमवार को बड़ा उछाल देखा गया। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार के दौरान एक समय 5.28 फीसदी चढ़कर 62.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में यह 3.60 फीसदी यानी 2.22 डॉलर की बढ़त में 61.68 डॉलर पर रहा। कच्चा तेल आयातकों की ओर से डॉलर की मांग आने से रुपए पर दबाव रहा।
डॉलर की लिवाली से रुपए का ग्राफ तेजी से गिरा
पिछले चार कारोबारी दिवसों में 129 पैसे मजबूत होने वाला रुपया सोमवार को 29 पैसे की गिरावट में 69.87 रुपए प्रति डॉलर पर खुला और यही इसका दिवस का निचला स्तर रहा। बाजार में डॉलर की जबरदस्त लिवाली से रुपए का ग्राफ लगातार नीचे की ओर उतरता रहा। कारोबार की समाप्ति के समय यह गत दिवस की तुलना में 88 पैसे नीचे 70.46 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो इसका आज का निचला स्तर भी रहा। यह भारतीय मुद्रा में 13 अगस्त के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर में रही तेजी ने रुपए को कुछ समर्थन दिया अन्यथा इसकी गिरावट और ज्यादा हो सकती थी। डॉलर सूचकांक आज 0.20 फीसदी गिर गया।
Published on:
3 Dec 2018, 7:17 PM IST
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