
शेयर बाजार में भारी तेजी देखी जा रही है। (PC: AI)
Why Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजार में आज बुधवार को भारी तेजी देखी जा रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 800 अंक की उछाल के साथ 76,900 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 0.95 फीसदी या 224 अंक की बढ़त के साथ 23,802 पर ट्रेड करता दिखा। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध, ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की कमजोरी के बावजूद, बुधवार को सभी सेगमेंट्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशक हैरान रह गए। बीएसई के मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स भी सत्र के दौरान 2% तक चढ़े।
सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे सत्र में बढ़त पर हैं। इन तीन सत्रों में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,200 अंकों से अधिक या करीब 3% चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी लगभग 650 अंक या करीब 3% बढ़ा है।
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन शुक्रवार के 430 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर बुधवार को 438 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में तीन सत्रों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद आई तेज गिरावट के चलते अब बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल रही है, जिससे वैल्यूएशन आकर्षक हो गया है। मजबूत फंडामेंटल और बेहतर ग्रोथ आउटलुक वाले कई ब्लू-चिप शेयर कम कीमत पर उपलब्ध हैं। मिड और स्मॉल कैप सेगमेंट में भी निवेशक सस्ते दामों पर अच्छे शेयर खरीद रहे हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध जारी है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार बाजार अब इस संभावना को मानकर चल रहा है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू हुई है। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि युद्ध कुछ हफ्तों या उससे पहले खत्म हो सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, 'बाजार अब ईरान की स्थिति पर ज्यादा ध्यान दे रहा है और ऐसा लग रहा है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है।'
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत सरकार ईरान के साथ एलपीजी और कच्चे तेल के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत कर रही है, जो सकारात्मक रही है। इससे बाजार में उम्मीद जगी है कि ऊर्जा आपूर्ति जल्द सामान्य हो सकती है। कच्चे तेल की आंशिक आपूर्ति शुरू होने की खबरों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। साथ ही हालिया गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी भी देखी जा रही है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3% गिरकर $100 प्रति बैरल के आसपास आ गई है। पिछले हफ्ते यह $119 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। हालांकि, कीमतें अभी भी ऊंची हैं, लेकिन हालिया गिरावट से निवेशकों को राहत मिली है और भारत की आर्थिक वृद्धि व महंगाई पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक असर की चिंता कुछ कम हुई है।
Updated on:
18 Mar 2026 12:33 pm
Published on:
18 Mar 2026 12:32 pm
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