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विदेशी संकेतों से पिछले सप्ताह गुलजार रहा शेयर बाजार, आगे रहेगी उठापटक

1.64 फीसदी की जोरदार साप्ताहिक बढ़त के साथ 41,681.54 की रिकॉर्ड क्लोजिंग स्तर पर बंद हुआ।

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नई दिल्ली। विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से घरेलू शेयर बाजार पिछले सप्ताह गुलजार रहा, लेकिन आगामी कारोबारी सप्ताह के दौरान फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट के अनुबंधों की एक्सपायरी को लेकर उठापटक देखने को मिल सकती है। हालांकि बाजार की चाल इस सप्ताह भी विदेशी संकेतों के साथ-साथ प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से तय होगी।

ऐसा रहा बीता हफ्ता

बीते सप्ताह बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 671.83 अंकों यानी 1.64 फीसदी की जोरदार साप्ताहिक बढ़त के साथ 41,681.54 की रिकॉर्ड क्लोजिंग स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 185.10 अंकों यानी 1.53 फीसदी के उछाल के साथ 12,271.80 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। वहीं, बीएसई मिडकैप सूचकांक मजह 5.57 अंकों की बढ़त के साथ 14,835.97 पर जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 58.37 अंक चढ़कर 13,391.03 पर बंद हुआ। बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में मुख्य रूप से विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से ही तेजी का माहौल बना रहा जो अगले कारोबारी सप्ताह भी बना रह सकता है। हालांकि सप्ताह के दौरान 26 जनवरी को एफएंडओ की दिसंबर सीरीज के अनुबंधों की समाप्ति के बाद कारोबारी अगले महीने की सीरीज में पोजीशन बनाएंगे जिससे उतार-चढ़ाव बना रहा सकता है। वहीं, प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से बाजार को दिशा मिल सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव का भी बाजार पर असर देखने को मिल सकता है। बाजार की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों के निवेश के प्रति रुझान पर बनी रहेगी।

आने वाले हफ्ते में इनपर रहेगी नजर

सप्ताह के आरंभ में सोमवार को विदेशी संकेतों से बाजार में तेजी का माहौल बना रह सकता है, क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक करार की प्रगति से बीते सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय बाजार मजबूती के साथ बंद हुए थे। हालांकि घरेलू कारकों का भी असर देखने को मिल सकता है। खासतौर से झारखंड में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होंगे जिस पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। ज्यादातर एग्जिट पोल के नतीजों में वहां सत्ता में परिवर्तन की संभावना जताई गई है। इसके अलावा विदेशों में जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों का भी बाजार पर असर देखने को मिल सकता है, खासतौर से अमेरिका में गुरुवार को बेरोजगारों के आरंभिक दावे और बेरोजगारी दर के नवंबर के आंकड़े गुरुवार को जारी होंगे। इसके अलावा, कई अन्य आंकड़े भी इस सप्ताह जारी हो सकते हैं।