
मथुरा। ऊर्जा मंत्री श्री कांत शर्मा ने मथुरा-वृन्दावन व गोवर्धन में 'पर्सनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम' की स्थापना के संबंध में एमवीडीए सभागार में बैठक की। बैठक के ब्रज में आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा हुई। पर्सनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम की स्थापना के सम्बंध में हुई इस बैठक में मथुरा, वृन्दावन और गोवर्धन में बेहतर यातायात व्यवस्था के संबंध में पौड चलाने पर चर्चा की गई।
6000 करोड़ रुपए आएगी लागत
शनिवार को मथुरा वृन्दावन विकासस प्राधिकरण के सभागार में हुई मीटिंग में एक कम्पनी के अधिकारियों ने अपने 6000 करोड़ के प्रपोज़ल के माध्यम से अधिकारियों को बताया कि वह किस तरह से मथुरा, वृन्दावन और गोवर्धन में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा दे सकते हैं। ब्रज में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैंं जिसकी वजह से यातायात जाम होता है। ब्रज के मथुरा, वृन्दावन और गोवर्धन में लगने वाले जाम और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था देने के संबंध में निजी कम्पनी के अधिकारियों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अपना प्रपोजल ऊर्जा मंत्री श्री कांत शर्मा, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजकांत मिश्रा, सीईओ नागेन्द्र प्रताप, जिला अधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्रा, एसएसपी बबलू कुमार सहित बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों के समक्ष रखा।
ये रहेगी व्यवस्था
1- गोवर्धन मेंं 24 किलोमीटर एरिया में एलीवेटेड ट्रैक
प्रति दिन दो लाख लोगों की आवाजाही संभव होगी
850 किलेग्राम वजनी 72 पौड चलेंगी
एक पौड में छह लोग यात्रा कर सकेंगे
2- वृंदवान 29 किलोमीटर एरिया में एलीवेटेड ट्रैक
43 स्टेशन बनेंगे
5 लाख लोग प्रतिदिन यात्रा कर सकेंगे
870 पौड चलेंगी
3- मथुरा में 21 किलोमीटर एरिया में एलीवेटेड ट्रैक
42 स्टेशन बनेंगे
630 पौड चलेंगे
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि 'पर्सनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम' के तहत पौड चलाए जाने के लिए जमीन की जरूरत 1/5 ही पड़ती है। सकरी जगहों पर भी आसानी से ट्रैक बन सकेगा। ट्रैक एलीवेटेड रहेगा। बैट्री चाालित पौड रहेंगे और थ्री व्हीलर के बराबर ही चार्ज रहेगा।
12000 लोगों को मिलेगा रोजगार
वहीं ऊर्जामंत्री ने कहा कि पूरे विश्व भर मथुरा, वृंदावन में श्रद्धालु आते हैं। गुरु पूर्णिमा पर मेले के दौरान गोवर्धन में विशेष तौर पर स्थानीय निवासी और श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। इसीको ध्यान में रखते हुए वर्तमान ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। इसीके तहत प्रावइवेट कंपनी की तरफ से प्रपोजल दिया गया है। इसमें पूरी लागत कंपनी की रहेगी लेकिन कंट्रोल पूरा सरकार का होगा। पहले चरण में गिरिराज की परिक्रमा, पंचकोशीय परिक्रमा पर ये व्यवस्था है। मथुरा, वृंदावन के अंदर भी सकरे इलाकों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना को लागू किया जाएगा। ऊर्जामंत्री ने बताया कि लगभग 12000 लोगों को इस प्रपोजल से रोजगार भी मिलेगा।
Published on:
15 Dec 2018 05:52 pm
बड़ी खबरें
View Allमथुरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
