मथुरा के होली गेट पर स्थित गुरुद्वारे में तमाम सिख समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए। इस घटना को लेकर सभी ने अपना विरोध जताया। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की। हरबंश सिंह ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक घटना है। सिखों का कत्ल हो जाए, चिन्ता नहीं, लेकिन केश काटने का मतलब है सिख धर्म को खत्म करना। कोई झगड़ा होगा तो क्या केश काट दिए जाएंगे। हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए चलाया गया था सिख धर्म। केश काटने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हरजीत सिंह अरोड़ा ने कहा कि हमारे लिए सबसे खतरनाक काम केश काटना है। जान से अधिक केश हैं। ज्ञानी मोहन सिंह ने कहा कि सिख धर्म के ऊपर हमला हुआ है। हमारा हाथ-पैर काटना बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन गुरु की मोहर केश को काटना बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।