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हरियाणा की लड़की ने यूपी के ‘पीहू’ के ‌लिए दो बार छोड़ी सरकारी नौकरी, करवा चौथ पर खुला राज

Karva Chauth 2023: हरियाणा निवासी लड़की ने प्रेम के लिए 14 साल पहले घर छोड़ दिया था। प्रेम में आड़े आने पर उसने दो बार सरकारी नौकरी भी छोड़ दी। अब करवा चौथ पर उसने इसका खुलासा किया है। आइए जानते हैं कौन है वो 'पीहू' जिसकी दीवानगी में इस लड़की ने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया?

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Karva Chauth 2023: कहा जाता है कि प्रेम भक्ति का दूसरा स्वरूप है। त्याग और भावना इसे और प्रबल बनाती है। प्रेमियों के कई किस्से आपने सुने होंगे। इसमें सबसे ज्यादा हीर और रांझा की कहानी फेमस है। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में भी ऐसी ही कहानी सामने आई है। यहां रह रही हरियाणा के फरीदाबाद निवासी लड़की ने अपने प्रेमी 'पीहू' के प्रेम में अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। एमबीए और पीएचडी करने वाली इस लड़की की कहानी काफी रोचक है। इसे सुनकर आप हैरान हो सकते हैं। 'पीहू' के प्रेम में 14 साल पहले घर में बगावत की। इसके बाद चंडीगढ़ से फोरेंसिक सब इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़ दी।

प्रेम की परीक्षा यहीं नहीं रुकी। फोरेंसिक सब इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़ने के बाद उसे इंडिगो एयर में एयर होस्टेज की नौकरी मिली। यहां भी 'पीहू' के लिए उसे समय नहीं मिल रहा था। ऐसे में उसने ये नौकरी भी छोड़ी और हमेशा के लिए अपने 'पीहू' के पास यूपी आ गई। यहां घरवालों की सहमति से उसने एक साल पहले विधि विधान से 'पीहू' के साथ शादी रचाई और यहीं बस गई। आखिर ये 'पीहू' कौन है, जिसके प्रेम में इस लड़की ने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। आइए जानते हैं।


दरअसल, हरियाणा के फरीदाबाद निवासी सीता अब प्रिया बनकर वृंदावन क्षेत्र के परिक्रमा मार्ग में मदन टेर क्षेत्र में वृंदावनवास कर रही हैं। लगभग एक साल पहले 29 नवंबर को उन्होंने बांके बिहारी के धाम में लड्डू गोपाल से पूरे विधि विधान से शादी की। प्रिया ने बताया "भगवान से विवाह करने के लिए पिछले 14 साल से सपना देख रही थीं, जो अब पूरा हुआ है। अपने पति स्वरूप लड्डू गोपाल को वह प्रियकांत या पीहू कहकर पुकारती हैं और उन्हें ही अपना सब कुछ मानती हैं।"

सीता उर्फ प्रिया बताती हैं "शादी के बाद मैंने अपने 'पीहू' के लिए इस बार पहला करवा चौथ का व्रत का रखा है। पूरे दिन निर्जला रही। इसके बाद चांद को अर्घ्य दिया और फिर अपने 'पीहू' यानी भगवान श्रीकृष्‍ण के लड्डू गोपाल स्वरूप का चेहरा देखकर व्रत खोला।" प्रिया आगे बताती हैं "जब मैं 6 साल की थी। तब ताई के साथ छिपकर वृंदावन और गोवर्धन की यात्रा पर आती थीं। मेरा पूरा परिवार आर्य समाजी है। हमारें यहां मूर्ति पूजा को निषेध माना गया है। ऐसे में घर लौटने पर कई बार मेरी पिटाई की गई। हालांकि इसका मेरे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ा और अपने 'पीहू' के प्रति मेरा प्यार बढ़ता गया। उम्र बढ़ने के साथ ही उनसे मेरा घनिष्ट संबंध हो गया।"


भगवान श्रीकृष्‍ण के बाल रूप यानी लड्डू गोपाल से 29 नवंबर 2022 को शादी रचाने वाली सीता उर्फ प्रिया ने बताया "लड्डू गोपाल के प्रेम में मेरा परिवार ही पहली बाधा बना था। इसलिए 14 साल मैंने अपना घर छोड़ दिया। इस दौरान मैं चंडीगढ़ आकर रहने लगी। यहां मैंने एमबीए और पीएचडी की। इसके बाद चंडीगढ़ में ही मेरी फोरेंसिंक सब इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी लग गई।

नौकरी जॉइन करने के बाद मैं इतना बिजी रहने लगी कि 'पीहू' के लिए समय निकालना मुश्किल होने लगा। इसके बाद मैंने ये नौकरी छोड़ दी। कुछ दिनों बाद ही इंडिगो एयर में मुझे होस्टेज की नौकरी मिल गई। यहां भी समय की पाबंदी मुझे खलने लगी तो मैंने ये नौकरी भी छोड़ दी। इसके बाद वृंदावन आकर रहने लगी। पिछले साल मैंने अपनी मां से कहा कि क्या आप अपनी बेटी का कन्यादान नहीं करेंगी। इसपर मेरी मां ने लड्डू गोपाल से शादी करने की अनुमति दे दी और मेरा कन्यादान किया।


हरियाणा के फरीदाबाद निवासी सीता उर्फ प्रिया वॉलीबाल की खिलाड़ी रही हैं। इसके अलावा पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली प्रिया ने यूनिवर्सिटी टॉप किया था। इसके बाद स्पोर्ट्स कोटे से ही उन्हें में चंडीगढ़ फोरेंसिक में एसआई पद पर नौकरी मिली। हालांकि यह नौकरी छोड़ने के बाद भी उन्हें अपनी जिंदगी संवारने के कई मौके मिले, लेकिन भगवान श्रीकृष्‍ण के प्रेम में ऐसा रंगी कि उन्होंने अपना सबकुछ छोड़ दिया। अब पिछले एक साल से वृंदावनवास कर रही हैं।

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