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भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ा है 125 बेटियों को 6.37 लाख रुपये देने का रहस्य

प्रियाकान्तजू मंदिर वृंदावन में भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने 125 बेटियों को दी छात्रवृत्ति, इस अवसर पर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि बेटियों का सम्मान कीजिए इनके त्याग में भगवान बसते हैं।

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मथुरा

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Amit Sharma

Mar 19, 2019

devaki nandan

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वृन्दावन (मथुरा)। बेटियाँ जीवन भर दूसरों के लिये त्याग करती हैं। जन्म लेते ही उन्हें बता दिया जाता है कि उन्हें दूसरे घर जाना है। बंधनों में रहकर भी वह दुख को छुपाती हैं और चिड़िया सी चहकती हैं। परिवार से जितना मिलता है उसे भी बांट देती हैं। विदा होती बेटी जब बाबुल से बिछुड़ती है तो उसका दुख फूट पड़ता है, बेटी क्या होती है परिवार को यह तब अहसास होता है। बेटियों का सम्मान कीजिए इनके त्याग में भगवान बसते हैं।

संस्था के लिए गौरव की बात

उक्त विचार प्रियाकान्तजू मंदिर पर ब्रज की 125 बेटियों को शिक्षा के लिये आर्थिक सहायता प्रदान करते हुये भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन महाराज ने प्रकट किये। उन्होंने कहा कि बेटी ही है जो शिक्षा के प्रकाश को कई पीढ़ियों तक ले जाती है। आज बेटियों को शिक्षा के लिये धन से ज्यादा समाज की जागरूकता और सहयोग की आवश्यकता है। इन बेटियों ने सहयोग का अवसर प्रदान किया, यह संस्था के लिये गौरव की बात है।

125 बेटियों को 6.37 लाख की मदद

विश्व शांति सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में प्रियाकान्तजू मंदिर पर आयेाजित 108 श्रीमद्भागवत कथा एवं होली महोत्सव में 125 बेटियों को 6 लाख 37 हजार 500 रुपये का सामूहिक रूप से चेक सौंपा गया। संस्था जरूरत मंद परिवार की प्रत्येक बेटी को ‘प्रियाकान्तजू विद्याधन’ के रूप में प्रतिवर्ष 5100 रुपये की सहायता प्रदान करती है। यह राषि प्रत्येक बेटी के अकाउन्ट में डाली जायेगी ।

कन्या शिक्षा के लिए 40 लाख का बजट

संस्था सचिव विजय शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 में ‘प्रियाकान्तजू मंदिर’ लोकार्पण के समय देवकीनंदन महाराज ने कन्या शिक्षा को जागरुकता फैलाने के लिये ब्रज के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से 125 बेटियों को शिक्षा के लिये गोद लिया था। उस समय प्रत्येक बेटी को विद्यालय आवागमन के लिये एक साइकिल और सभी के बैंक अकाउन्ट खुलवाकर शिक्षा सहयोग के लिये 5100 रुपये प्रदान कर योजना का प्रारम्भ किया गया। कन्या शिक्षा के लिये संस्था ने लगभग 40 लाख रुपये का बजट रखा है। सहायता का यह चौथा वर्ष है।

125 बेटियों का इसलिये करते हैं चुनाव

मीडिया प्रभारी जगदीश वर्मा ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण पृथ्वी पर 125 वर्ष तक रहे थे । इसी संकेत पर प्रियाकान्तजू मंदिर की ऊँचाई 125 फीट रखी गयी है। इसी आधार पर भगवान के प्रत्येक जीवन वर्ष की अराधना स्वरूप उनके ब्रज की 125 बेटियों की सेवा का अवसर संस्था ने प्राप्त किया है। प्रत्येक वर्ष इनकी समीक्षा की जाती है । कुछ बेटियों के विवाह होने, अन्य कारणों से पढ़ाई बन्द करने पर नये बेटियों को अवसर प्रदान किया जाता है ।

बेटियों ने दिया धन्यवाद

इस मौके पर सहायता लेनी वाली बेटियों ने देवकीनंदन महाराज और संस्था को सहयोग के लिये धन्यवाद देते हुये अपने विचार व्यक्त किये । इस दौरान बेटियों का मनोबल साफ बढ़ा हुआ नजर आता है । तारसी की गंगा देवी ने बताया कि वह बीएड कर रही है और संगीत अध्यापिका बनना चाहती है, इसमें संस्था ने बहुत सहयोग मिला है। देवीपुरा की गौरी इनकम टैक्स ऑफीसर बनना चाहती है तो सपना पुलिस इस्पेक्टर बनने की तैयारी कर रही है । राया की हेमन्त कुमारी अध्यापक, बाकलपुर की यशोदा शर्मा डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती है।