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मथुरा जिला कारागार के शौचालय में बंदी ने लगाई फांसी, अस्पताल में मौत, हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत

Prisoner hanged himself in Mathura district jail, dies: मथुरा जिला कारागार में एनडीपीएस एक्ट में बंदी ने शौचालय में फांसी के फंदा लगा लिया। जेल कर्मियों को इसकी जानकारी हुई और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। ‌
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Prisoner commits suicide by hanging himself in Mathura district jail: मथुरा जिला कारागार में उस समय हड़कंप मच गया। जब एक बंदी शौचालय के अंदर फांसी का फंदा बना लटक गया। इसकी जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया गया कि बंदी शौचालय गया था। लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। पहरेदार जब देखने के लिए गया तो वह फांसी के फंदे पर लटका मिला। जिसे तत्काल उतार कर जेल अस्पताल लाया गया, जिसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। बंदी की मौत की खबर मिलते ही जेल प्रशासन में हलचल शुरू हो गई। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना मथुरा के जिला कारागार की है।

एनडीपीएस एक्ट में हुआ था बंद

उत्तर प्रदेश के मथुरा की जिला कारागार में 57 वर्षीय सुरेश पुत्र मोहन सिंह ने जिला कारागार के शौचालय में अपने 'लोअर' को फांसी का फंदा बनाकर लटक गया। साथ गए सिपाही ने देखा कि सुरेश को निकालने में काफी देर हो रही है, तो उसने अंदर जाकर देखा तो वहां सुरेश फांसी के फंदे पर लटका था। इसकी जानकारी उसने साथी सिपाहियों को दी।

जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया

मौके पर पहुंचे सिपाही जेल कर्मियों ने सुरेश को फांसी के फंदे से उतारा और जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया, जिसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां आज सुबह उपचार के दौरान सुरेश ने अंतिम सांस ली। सुरेश की मौत की खबर उसके घर वालों को दी गई। सुरेश की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

क्या कहते हैं जेल अधीक्षक?

इस संबंध में जिला कारागार के जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि मृतक सुरेश महरौली थाना गोवर्धन मथुरा का रहने वाला था। जिसे एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर मई 2025 में जिला कारागार भेजा गया था। जो बैरक नंबर दो में बंद था। रात में सुरेश शौचालय गया लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। मौके पर पहरा दे रहे सिपाहियों ने अंदर जाकर देखा तो सुरेश फांसी के फंदे से लटका था।

जमानत याचिका सूचीबद्ध नहीं की गई

शुरुआती जांच में जानकारी हुई कि सुरेश ने जमानत के लिए हाई कोर्ट में अपील की थी। लेकिन 24 मार्च को उसकी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया। जिससे वह काफी परेशान हो गया। जमानत न मिलने के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान था। इसके बाद उसने खौफनाक कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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