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मऊ में शिक्षकों पर कुत्तों के बाद ‘सोलर दबाव’, अब वेतन से पहले सोलर पैनल, आदेश न मानने पर सैलरी लॉक

Mau Education News: जनपद मऊ में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक इन दिनों पढ़ाने से ज़्यादा सरकारी योजनाओं के पालन में उलझते नज़र आ रहे हैं। कुत्ता काटने की घटनाओं में लोगों की मदद पहुंचाने के बाद अब गुरुजनों को एक और नया “अलर्ट कार्य” सौंप दिया गया है। इस बार मामला पीएम सूर्यघर योजना के […]

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मऊ

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Abhishek Singh

Jan 22, 2026

Mau Education News: जनपद मऊ में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक इन दिनों पढ़ाने से ज़्यादा सरकारी योजनाओं के पालन में उलझते नज़र आ रहे हैं। कुत्ता काटने की घटनाओं में लोगों की मदद पहुंचाने के बाद अब गुरुजनों को एक और नया “अलर्ट कार्य” सौंप दिया गया है। इस बार मामला पीएम सूर्यघर योजना के तहत शिक्षकों के घरों पर सोलर पैनल लगवाने से जुड़ा है, जिसे लेकर प्रशासनिक सख़्ती सामने आई है।

विभाग का आदेश वायरल होते चारो तरफ चर्चा

जनपद में एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसके अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अनिवार्य रूप से अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाकर उसका प्रमाण पत्र जमा करना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रमाण पत्र उपलब्ध न कराने की स्थिति में शिक्षकों का वेतन रोका जा सकता है।

वायरल पत्र में समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा गया है कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत प्रत्येक अध्यापक के घर सोलर पैनल लगाए जाने थे, लेकिन अब तक शत-प्रतिशत अनुपालन की सूचना अथवा प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसे उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना गया है।

पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों से व्यक्तिगत संपर्क कर सोलर पैनल लगवाने का प्रमाण पत्र प्राप्त करें। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि प्रमाण पत्र जमा होने के बाद ही मानव संपदा पोर्टल पर वेतन हेतु उपस्थिति लॉक की जाएगी।

आदेश के अनुसार, जब तक शत-प्रतिशत सोलर इंस्टॉलेशन की सूचना एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक संबंधित शिक्षकों का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।

इस आदेश के बाद शिक्षक समुदाय में चर्चा तेज़ है। कई शिक्षक इसे अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सरकारी योजना को ज़मीन पर उतारने की कोशिश मान रहे हैं। फिलहाल, मऊ में शिक्षा से ज़्यादा "सोलर" पैनल चर्चा के केंद्र में आ गया है।