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मां के पास धरे रहे गये 500 -1000 के नोट, दवा के अभाव में बेटी ने तोड़ा दम

500 का नोट देख महिला को नहीं मिला दवा

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Sarweshwari Mishra

Nov 12, 2016

Child Death

Child Death

मऊ. काले धन पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात आठ बजे देश को संबोधित करते हुए 500 और 1000 के नोंटों के प्रचलन पर रोक लगा दी। 500 और 1000 के नोटों के डिनोमेटाइजेशन से अफरातफरी मच गई है। इस कालेधन को लेकर हर कोई परेशान है पर इसी अफरातफरी में एक मासूम की मौत हो गई।



मऊ जिले के सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल फातिमा में एक बच्चे की सिर्फ इसलिए मौत हो गई क्योंकि 500 और 1000 रुपए के नोटों के डिनोमेटाइजेशन के कारण बच्चे को समय पर दवा नहीं मिल पाई।


हलधरपुर थाने के सिधवल गांव के शिवबली गिरी की बेटी गीता ने अपने सात माह के बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने बच्चे को निमोनिया रोग से ग्रस्त बताते हुए आकस्मिक विभाग में भर्ती कर लिया।


जब दवा खत्म हुई तो परिजनों ने काउन्टर पर दवा लेने के बाद पांच सौ रुपए का नोट दिया, पर दवा काउन्टर पर उपस्थित कर्मचारी ने नोट लेने से मना कर दिया। लाख गुहार लगाने के बाद भी कर्मचारी ने एक न सुनी और 500 रुपए के नोट के बदले दवा देने से इंकार कर दिया।


बेबस परिजनों ने किसी तरह से रुपए का इंतजाम किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दवा नहीं मिलने के कारण मासूम की मौत हो गयी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।



हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी फोर्स बल के साथ पहुंचे और मामले को शान्त कराया। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि सरकार के इस फैसले के बाद सबको सहयोग करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आती है, तो जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी।

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