
यूपी सरकार के कार्यक्रम के बाद गंदगी से पटा मैदान, चार दिन बाद भी नहीं हुई सफाई
मऊ. पीएम नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन, जिसके लिए केन्द्र और प्रदेश की सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन सरकारी अमला ही स्वच्छता अभियान का पलीता लगाने में कोई कसर छोड़ते नहीं दिख रहा है। ऐसा ही एक मामला यूपी के मऊ जिले का है, जहां जिला और नगर पालिका प्रशासन के आलाधिकारी की स्वच्छता अभियान के प्रति लापरवाही सामने आई है। यही नहीं, जब इस बाबत इसके बाद संबंधित अधिकारियों से पूछा गया तो वे एक-दूसरे पर टाल-मटोल कर पल्ला झाड़ लिए।
दरअसल मऊ जिले में आठ सितम्बर को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के मैदान में फसल ऋण माफी योजना के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल नन्दी ने किसानों को कर्ज माफी प्रमाण पत्र दिया। कार्यक्रम में आये अतिथियों व किसानों के लिए खाने व नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। जिसके कारण कार्यक्रम के बाद मैदान में चारों ओर गंदगी का अंबार लग गया। चार दिन बाद भी प्रशासन उसे साफ कराने की जहमत नहीं उठाया, जिसके कारण पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में कचरा फैला हुआ है। इस मामले में जब जिला उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही हुई है। जल्द ही मैदान साफ कराने का काम किया जाएगा।
वहीं, जिला पंचायत राज अधिकारी शेषनाथ पाण्डेय ने तो दो बार में दो तरह का बयान दिया और अपने पहले बयान से मुकर गये। जिला पंचायत राज अधिकारी ने पहले तो कहा कि कार्यक्रम के बाद पूरे मैदान को साफ कराया था, हो सकता है कि कूड़ा दुबारा उड़कर मैदान में आ गया हो। लेकिन फिर बाद में उन्होंने अपना बयान बदलते हुए कहा कि कार्यक्रम के बाद मैदान की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की थी। लेकिन लापरवाही के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
By Vijay Mishra
Published on:
12 Sept 2017 08:50 pm

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