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Mau breaking: पोस्टर लगाने को लेकर हुई गालियों के बीच बीजेपी कार्यकर्ता करेंगे प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत

प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिए लगाए जा रहे पोस्टरों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता और पूर्व विधायक के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज की स्थिति बन गई और मौके पर तनाव का माहौल पैदा हो गया।

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मऊ

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Abhishek Singh

Jan 07, 2026

Mau police

Mau news,

Mau Politics News: मऊ जनपद में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम से पहले एक नया विवाद सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। मामला घोसी विधानसभा क्षेत्र के मझवारा मोड़ का है, जहाँ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिए लगाए जा रहे पोस्टरों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता और पूर्व विधायक के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज की स्थिति बन गई और मौके पर तनाव का माहौल पैदा हो गया।

घोसी चेयरमैन और पूर्व विधायक के पोस्टर को लेकर विवाद


सूत्रों के मुताबिक, पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी और स्थान को लेकर पार्टी के दो गुट आमने-सामने आ गए। इसी दौरान बीजेपी के पूर्व विधायक विजय राजभर के समर्थक के बीच कहासुनी हो गई। वायरल ऑडियो के अनुसार बातचीत जल्द ही उग्र रूप में बदल गई, जिसके बाद पूर्व विधायक ने मुन्ना गुप्ता को न सिर्फ़ गालियाँ दीं, बल्कि उन्हें धमकाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व विधायक ने कार्यकर्ता को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी तक दे डाली, जिससे वहाँ मौजूद पार्टी समर्थकों और आम नागरिकों के बीच असहज स्थिति बन गई।

विवाद के बीच भी पार्टी के नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत का उत्साह


हालाँकि, इस विवाद के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ किया जाएगा और किसी भी विवाद को कार्यक्रम पर हावी नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी के स्थानीय नेतृत्व ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, लेकिन अंदरूनी तौर पर वरिष्ठ पदाधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है।

घोसी उपचुनाव से पहले पार्टी में विवाद


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी वर्ष से पहले इस तरह के विवाद पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर सकते हैं। पोस्टर विवाद जैसे मुद्दे अक्सर छोटी चिंगारी से शुरू होकर बड़े राजनीतिक संदेश देने लगते हैं, इसलिए पार्टी नेतृत्व के लिए इसे समय रहते संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नज़र रखी जा रही है, ताकि कार्यक्रम से पहले किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।