12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mau News: काशी एक्सप्रेस में बम की झूठी सूचना देने वाले युवक पर केस दर्ज

एक्सप्रेस में बम होने की झूठी सूचना देने के मामले में जीआरपी (रेलवे पुलिस) ने एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपित युवक ने कंट्रोल रूम को फोन कर ट्रेन में बम रखे जाने की जानकारी दी थी, जिसके बाद रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया और यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।

2 min read
Google source verification

मऊ

image

Abhishek Singh

Jan 08, 2026

Mau Rail News: काशी एक्सप्रेस में बम होने की झूठी सूचना देने के मामले में जीआरपी (रेलवे पुलिस) ने एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपित युवक ने कंट्रोल रूम को फोन कर ट्रेन में बम रखे जाने की जानकारी दी थी, जिसके बाद रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया और यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।


जीआरपी पुलिस के अनुसार, गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) जाने वाली अप 15018 काशी एक्सप्रेस जैसे ही मऊ जिले के इंदारा स्टेशन से रवाना हुई, तभी कंट्रोल रूम को धमकी भरा कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले ने दावा किया कि ट्रेन में विस्फोटक सामग्री मौजूद है। सूचना मिलते ही जीआरपी सक्रिय हो गई और बिना देरी किए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया।

चारो तरफ रहा अफरातफरी का माहौल


एहतियातन इंदारा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर–1 को तुरंत खाली कराया गया। यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए तीन थानों की पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी टीम ने समन्वय के साथ मोर्चा संभाला। ट्रेन के स्टेशन पहुँचने से पहले ही सभी डिब्बों की गहन तलाशी शुरू की गई। सुरक्षा बलों ने एक-एक बोगी को खाली कराकर अंदर रखे सामान, सीटों के नीचे और तकनीकी हिस्सों की जांच की।


इस दौरान स्टेशन पर अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई थी। ट्रेन में सवार यात्री घबराहट के बीच जल्दी-जल्दी बाहर निकलते देखे गए। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को संभालते हुए जांच पूरी कराई और राहत की बात यह रही कि ट्रेन में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद कॉल को फर्जी करार दिया गया और यात्रियों ने राहत की सांस ली।

रेलवे ने दर्ज किया FIR


जीआरपी पुलिस ने बताया कि कॉल करने वाले युवक की पहचान अंकित कुमार के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ कानून का गलत इस्तेमाल, सरकारी कार्य में रुकावट और लापरवाही से जीवन को खतरे में डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल की तकनीकी जांच, फोन नंबर की पुष्टि और आरोपित की गिरफ्तारी की दिशा में काम कर रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की झूठी सूचनाएँ रेलवे संचालन को बाधित करती हैं, सुरक्षा संसाधनों का दुरुपयोग बढ़ाती हैं और आम लोगों में भय पैदा करती हैं। जीआरपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात सूचना का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें और अफवाह फैलाने से बचें।