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Mau News: पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर का दिल का दौरा पड़ने निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

Hari Narayan Rajbhar: घोसी लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद का निधन हो गया है। उन्होंने लखनऊ के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर […]

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मऊ

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Abhishek Singh

Apr 12, 2026

Hari Narayan Rajbhar: घोसी लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद का निधन हो गया है। उन्होंने लखनऊ के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे पूर्वांचल सहित राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।

हरिनारायण राजभर का जन्म 1 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के टंगुनिया गांव में हुआ था। वे के वरिष्ठ और जमीनी स्तर के मजबूत नेता माने जाते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जनता से सीधा जुड़ाव बनाए रखा और क्षेत्रीय मुद्दों को मजबूती से उठाया।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने को हराकर घोसी सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। यह पहली बार था जब इस सीट पर भाजपा का परचम लहराया गया। उनकी इस जीत के बाद क्षेत्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला और कई बसपा नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया।

राजभर ने घोसी में पहली बार BJP की जीत दिलाई

इससे पहले हरिनारायण राजभर 1991-1992 और 1996-2002 तक सायर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। इसके साथ ही 1997 से 2002 तक उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में कारागार, लघु सिंचाई और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

लोकसभा सदस्य के रूप में उन्होंने 2014 से 2019 तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं वन से संबंधित स्थायी समिति में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा वे रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे।

उनके परिवार में पत्नी मेवती देवी, तीन बेटे और पांच बेटियां हैं। उनके निधन से न केवल घोसी क्षेत्र, बल्कि पूरे प्रदेश ने एक अनुभवी, सरल और जनप्रिय नेता को खो दिया है। उनके समर्थक, कार्यकर्ता और शुभचिंतक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।