26 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नहीं जाएगी विधायक अब्बास अंसारी विधानसभा सदस्यता; सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, क्या है पूरा मामला?

MLA Abbas Ansari Gets Relief From SC: विधायक अब्बास अंसारी विधानसभा सदस्यता नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिल गई है। जानिए पूरा मामला क्या है?

2 min read
Google source verification

मऊ

image

Harshul Mehra

Apr 10, 2026

mla abbas ansari said should I contest elections from cockroach janata party mau news up

अब्बास अंसारी कॉकरोच जनता पार्टी का किया जिक्र। सोर्स- फेसबुक (Abbas Ansari)

MLA Abbas Ansari Gets Relief From SC: उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। हेट स्पीच से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के सजा पर रोक वाले फैसले को बरकरार रखा था। कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता बनी रहेगी और फिलहाल उस पर कोई खतरा नहीं है।

UP News: निचली अदालत ने सुनाई थी अब्बास अंसारी को सजा

दरअसल हेट स्पीच से जुड़े एक केस से में निचली अदालत ने अब्बास अंसारी को सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस सजा पर रोक लगा दी थी, जिसके चलते उनकी सदस्यता फिलहाल बच गई थी।

Uttar Pradesh News: सरकार ने बताया था हाईकोर्ट के फैसले को गलत

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए भारत का सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। सरकार ने मांग की थी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द किया जाए, जिसमें सजा पर रोक लगाई गई थी। सरकार का कहना था कि हाईकोर्ट का फैसला गलत है और सजा पर रोक हटाई जानी चाहिए, ताकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

UP Big News: उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका खारिज

इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में CJI की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर मामले का निस्तारण कर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सजा पर लगाई गई रोक अभी भी लागू रहेगी

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सजा पर लगाई गई रोक अभी भी लागू रहेगी। इसी वजह से अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह अपने पद पर बने रहेंगे। इस मामले में पहले निचली अदालत के फैसले के बाद सदस्यता पर खतरा पैदा हो गया था, लेकिन हाईकोर्ट की रोक ने उन्हें राहत दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्थिति और स्पष्ट हो गई है कि फिलहाल उनकी सदस्यता सुरक्षित रहेगी।