
Mau Police: मऊ में एक पुराने मामले में अदालत ने तीन पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई है। यह मामला उस समय का है जब एक कैदी चलती ट्रेन से भाग गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सुनवाई के बाद सुदामा यादव, सुधाकर सिंह और सूबेदार सिंह यादव को दोषी माना और प्रत्येक को एक साल की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त जेल होगी।
यह घटना 30 मई 2012 की है। उस दिन ये तीनों पुलिसकर्मी वाराणसी से एक आरोपी को देवरिया कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रहे थे। आरोपी लूट और जालसाजी के मामले में जेल में बंद था। पुलिस टीम उसे मंडुवाडीह स्टेशन से ट्रेन में बैठाकर ले जा रही थी।
जब ट्रेन मऊ से आगे इंदारा के पास धीमी हुई, तब आरोपी ने बाथरूम जाने की बात कही। इसी दौरान उसने चालाकी से हथकड़ी ढीली की और मौका देखकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।
इस घटना के बाद जांच की गई और चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जिसमें तीन पुलिसकर्मी भी शामिल थे। अदालत में कुल छह गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिसकर्मियों को झूठा फंसाया गया है, लेकिन अदालत ने सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी माना। बताया गया कि सजा पाए पुलिसकर्मियों में से एक अब रिटायर हो चुका है, जबकि बाकी दो अभी भी अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।
इसके अलावा, एक अन्य मामले में अदालत ने चोरी के आरोपी को सजा सुनाई और मारपीट के मामले में एक व्यक्ति पर जुर्माना लगाया।
Published on:
23 Apr 2026 01:25 pm
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