मऊ जिले के उत्तरी छोर पर बहने वाली सरयू नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ और कटान का खतरा उत्पन्न हो गया है। बीते चौबीस घंटे में सरयू नदी का पानी 5 सेंटीमीटर बढ़ा है। अब नदी का जल स्तर 70. 70 मीटर हो गया है। शनिवार को नदी का जलस्तर 70.65 मीटर था, जबकि […]
मऊ जिले के उत्तरी छोर पर बहने वाली सरयू नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ और कटान का खतरा उत्पन्न हो गया है। बीते चौबीस घंटे में सरयू नदी का पानी 5 सेंटीमीटर बढ़ा है। अब नदी का जल स्तर 70. 70 मीटर हो गया है। शनिवार को नदी का जलस्तर 70.65 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 69. 90 मीटर है। वहीं मेलाराम मंदिर के पास 50 मीटर अंदर तक नदी का पानी घुस गया है। नगर के मल्लाह टोला, भगवानपुरा, व दलित बस्ती में कभी भी पानी घुस सकता है। वहीं नई बाजार,नवली,रामपुर धनौली, चियूंटीडार में हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं।
सरयू की लहरें लगातार ऐतिहासिक स्थलों मुक्तिधाम,भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कूटी,दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग के डाकबंगले, डीहबाबा मंदिर, हनुमान मंदिर पर जोरदार टक्कर मार रही हैं। इन सभी धरोहरों पर अस्तित्व का संकट गहरा गया है।
तटवर्ती इलाकों में कभी भी स्थिति भयावह हो सकती है।
नदी की लहरों को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं।