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Mau News: शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाएं अध्यापक वरना होगी कड़ी कार्रवाई, जिलाधिकारी ने जारी किया फरमान

बेसिक शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण सुधार के लिए कृत्संकल्प जिलाधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र ने अध्यापकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अध्यापक शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाएं वरना उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

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मऊ

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Abhishek Singh

Oct 25, 2024

बेसिक शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण सुधार के लिए कृत्संकल्प जिलाधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र ने अध्यापकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अध्यापक शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाएं वरना उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।


जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला अनुश्रवण समिति एवं निपुण भारत मिशन हेतु गठित जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प, जर्जर भवन, स्कूल चलो अभियान, जिला एवं विकासखंड स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा विद्यालयों का भ्रमण, डी.बी.टी, निपुण भारत, मध्यान्ह भोजन आदि की संपूर्ण जानकारी दी गई। जिसमें उन्होंने जर्जर भवन के संबंध में बताया कि जनपद में कुल 115 जर्जर विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, मूल्यांकन हेतु तकनीकी समिति को प्रेषित कर दिया गया है। मूल्यांकन कार्य पूर्ण होते ही ध्वस्तीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। स्कूल चलो अभियान अंतर्गत छात्र नामांकन के संबंध में उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2024 से 28 जून 2024 तक कुल नवीन नामांकन कक्षा 1 से 8 तक 9397 हुआ था एवं 28 जून 2024 से स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं ट्रांसजेंडर समूह के सहयोग से 37027 नामांकन कराया गया जो 27630 की वृद्धि है। डीबीटी के अंतर्गत वर्तमान में नामांकन 131422 के सापेक्ष 122773 बच्चों का आधार सत्यापन कराया जा चुका है। निपुण भारत के अंतर्गत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि माह दिसंबर 2024 तक समस्त विद्यालयों को निपुण विद्यालय बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माह नवंबर में दिनांक 22 एवं 23 को एन.ए.टी. की परीक्षा जनपद में कराई जानी है। इसके अलावा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 302 निपुण विद्यालय तथा 454 विद्यालय मध्यम श्रेणी एवं 226 विद्यालय संघर्षशील हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराये। इसके अलावा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि कम उपस्थिति वाले विद्यालयों का चिन्हीकरण कर कम उपस्थिति का कारण क्या है, क्यों बच्चे उपस्थित नहीं हो रहे हैं, इसका कारण पता कर अभिभावकों एवं शिक्षक तथा शिक्षा की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान देने को कहा। जिलाधिकारी द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि अपने विकासखंड से संबंधित समस्त विद्यालयों का नियमित भ्रमण करें, जिससे बच्चों की उपस्थिति, अध्यापक की उपस्थिति, विद्यालय से संबंधित रख-रखाव, मिड डे मील आदि का पता चले जिससे संबंधित कमियों को समय से हल किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का नामांकन है, और वह नियमित विद्यालय आ रहे हैं तो उनकी शिक्षा बेहतर निश्चित रूप से होनी चाहिए अन्यथा की स्थिति में मेरे द्वारा भ्रमण किए जाने पर कमियां पाई गई तो संबंधित के खिलाफ निश्चित रूप से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान परियोजना निदेशक रामबाबू त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी उमेश चंद तिवारी, अपर चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीके यादव सहित समस्त खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

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