
रेप पीड़िता
मऊ. यूपी के प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार मऊ पहुंचे वहां विकास कार्यों की गति देखने और यह जांचने कि सरकारी मशीनरी अपना दायित्व निभाते हुए सही काम कर रही है या नहीं। इसी दौरान एक रेप पीड़िता उनके सामने आयी और न्याय की गुहार लगाने लगी। उसका दावा था कि दो माह पहले उसे रास्ते से अगवाकर कई दिनों तक उसका रेप किया गया और आरोपी अब तक खुले घूम रहे हैं। उसने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि दो माह से केवल हीला-हवाली की जा रही है, कार्रवाई तो दूर की बात, दो महीने बाद भी एफआईआर तक दर्ज नहीं किया गया है। यह सुनकर प्रमुख सचिव भी हैरान रह गए।
प्रमुख सचिव से शिकायत करने पहुंची खुद को रेप पीड़िता बता रही लड़की का दावा है कि वह दो माह पहले सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र पर सिलाई सीखने जा रही थी। इसी दौरान गांव के ही रहने वाला युवक उसे अगवा कर ले गया और कई दिनों तक उसके साथ दुराचार करता रहा। उसका कहना था कि आरोपी के दो साथियों ने उसके इस कुकर्म में आरोपी की मदद की। किसी तरह कई दिन बाद वह आरोपी युवक के चंगुल से भागकर घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनायी।
पिता ने स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचकर इसकी शिकायत की और मुकदमा दर्ज करने की मांग किया, लेकिन आरोप है कि चौकी का दरोगा कार्रवाई के बजाय हीला-हवाली करता रहा। पीड़िता और उसके पिता का दावा है कि पहले तो चुनाव का बहाना बनाकर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। चुनाव खत्म हो जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी। हारकर आलाधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से कोई सुनवायी नहीं हुई। आरोपी राजकुमार गांव का दबंग किस्म का है और घटना के बाद से फरार चल रहा है।
पीड़ित लड़की से पूरी घटना और उसकी फरियाद सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को मामले की जांच कराकर प्रकरण सही होने पर एफआईआर दर्ज करा आरोपियों की गिरफ्तारी कराने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार ने बताया कि पीड़िता और उसके पिता से प्रकरण की जानकारी मिलने के बाद जांच के निर्देश दिये गए हैं। सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
By Vijay Mishra
Published on:
15 Jun 2019 10:05 pm

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