
मेरठ। देश की रक्षा करने वाले सीआरपीएफ कमांडो को भाजपा राज में पुलिस ने कहर बरपाते हुए उसे सलाखों के पीछे भेज दिया। इतना ही नहीं घर में घुसकर की गई मारपीट में कमांडो के परिजनों को भी चोटें आई हैं। जहां पर कमांडो की पत्नी का हाथ टूट गया वहीं उसके बेटे को भी गंभीर चोटें हैं। मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद दबाया जा रहा है। मेरठ की मेडिकल थाना पुलिस ने यह किया। पुलिस ने कमांडो पर पिस्टल के बल पर लूट, मारपीट करने और लाइसेंसी पिस्टल का दुरुपयोग करने के तीन मुकदमे दर्ज किए हैं।
यह है पूरा मामला
मेडिकल थाना क्षेत्र शास्त्रीनगर-के ब्लॉक निवासी सतेंद्र चौधरी सीआरपीएफ में कमांडो हैं। वर्तमान में वह बारामूला में तैनात हैं। इससे पहले सीआरपीएफ रामपुर कैंप के डीआईजी की सुरक्षा में थे। सतेंद्र रक्षाबंधन की छुट्टी पर आए हुए हैं। सतेंद्र के मुताबिक वह बुधवार रात पत्नी मंजू, बेटे देवांशु के साथ घर के बाहर बैठे हुए थे। इस दौरान अन्य लोग भी मौजूद थे। सतेंद्र ने बताया कि उसी समय एक बाइक तेजी से आई। उनका बेटा बाइक की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। उन्होंने बाइक सवार को रोका और तेजी से वाहन चलाने का विरोध किया। बाइक सवार युवक सबक सिखाने की बात कहते हुए सतेंद्र से भिड़ गया और फोन लूट की सूचना देकर पुलिस को बुला लिया।
पुलिस ने मारपीट की
आरोप है कि पुलिस ने कमांडो सतेंद्र से मारपीट करते हुए उसे थाने ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान परिजनों ने विरोध किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई। मेडिकल पुलिस ने बाइक सवार युवक का पक्ष लेते हुए कमांडो को पीटा और लॉकअप में बंद कर दिया। थाने पहुंचीं सतेंद्र की पत्नी मंजू के हाथ और पुत्र देवांश के पैर में प्लास्टर बंधा हुआ था। मोहल्ले के अन्य लोग भी मेडिकल थाने पर एकत्र हो गए। उन्होंने पुलिस पर ज्यादती करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
कमांडो पर तीन मुकदमे
हंगामा बढ़ने पर सुबह एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह भी मेडिकल थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस और सतेंद्र के परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। डिलीवरी ब्वॉय से भी बात की, जिसने लूट की सूचना दी थी। तीनों पक्षों को सुनकर एसपी सिटी चले गए। पुलिस ने सतेंद्र पर गंभीर धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। दोपहर बाद सीआरपीएफ कमांडो सतेंद्र को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया। एसएसपी अजय साहनी के मुताबिक सीआरपीएफ जवान ने मारपीट करते हुए युवक से मोबाइल छीना था। जिस कारण उसको जेल भेजा गया है। मामले की जांच चल रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर पुलिसकर्मी दोषी होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
23 Aug 2019, 11:58 AM IST
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