इस दौरान अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर नारे लगाए और भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। अधिवक्ता देवकी नंदन शर्मा ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार पश्चिम में हाईकोर्ट बेंच की मांग के प्रति गंभीर नहीं है। पहले सरकारों के पास बहाना हुआ करता था और वे एक-दूसरे पर मामले को टाल देते थे, लेकिन अब तो केंद्र और प्रदेश दोनों ही जगह पर भाजपा की सरकार है। फिर देरी किस बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की मंशा साफ नहीं है। सरकार नहीं चाहती कि पश्चिम में हाईकोर्ट की बैंच स्थापित हो और यहां के लोगों को न्याय सुलभ उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है, जबकि आंदोलन को तेज किया जाए।