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Muslim Fatwa: इस क्रांतिकारी ने जारी किया था भारत में पहला मुस्लिम फतवा, जिसने हिला दी थी अंग्रेजी शासन की बुनियाद

First Muslim fatwa in India : भारत में पहला मुस्लिम फतवा अंग्रेजों के खिलाफ जारी हुआ था। इस मुस्लिम फतवा को जारी करने वाले थे अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी।  

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मेरठ

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Kamta Tripathi

Aug 22, 2023

muslim fatwa

भारत में पहला मुस्लिम फतवा जारी करने वाले क्रांतिकारी अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी।

First Muslim fatwa in India : भारत में पहला मुस्लिम फतवा जारी करने वाले अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी थे। जो कि एक विधिवेत्ता, बुद्धिवादी धर्मशास्त्री दार्शनिक और कवि थे। इन्होंने भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ जेहाद शुरू किया था और 1857 की लड़ाई में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ जिहाद के पक्ष में सशस्त्र लड़ाई का पहला भारतीय फतवा जारी किया था। ये फतवा 1857 के भारतीय विद्रोह के क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा बना था। अल्लामा फजल-ए-हक का जन्म खैराबाद, सीतापुर में हुआ था। इनके पिता धार्मिक मामलों के मुगलों के मुख्य सलाहकार सदर-उल-सदर थे। अल्लामा फजल 13 साल की आयु से शिक्षक बन गए थे।

1828 में, इनको कजा विभाग में मुफ्ती के पद पर नियुक्त किया गया। इस्लामी अध्ययन और धर्मशास्त्र के विद्वान होने के अलावा, ये साहित्यिक थे। विशेष रूप से उर्दू, अरबी और फारसी साहित्य के। अल्लामा फजल ने क़ुरान को चार महीने में पूरी तरह से याद कर लिया था। अल्लामा फजल ने तेरह साल की उम्र में अरबी, फारसी और धार्मिक अध्ययन में पाठ्यक्रम पूरा कर लिया था।

अल्लामा फजल गहन ज्ञान और विद्वता के कारण "अल्लामा" की उपाधि पा गए थे। इनको महान सूफी के रूप में सम्मानित किया गया। उन्होंने और उनके बेटे अब्दुल अल-हक खैराबादी ने उत्तरी भारत में मदरसा खैराबाद की स्थापना की। जहाँ आज कई विद्वान शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने अरबी भाषा में रिसाला-ए-सौरतुल हिदिया लिखा और अस-सोरत अल हिंदिया नामक विद्रोह का एक लेख लिखा।

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मेरठ में 1857 की क्रांति की शुरूआत करने में अल्लामा फजल का फतवा काफी कारगर रहा था। अल्लामा फजल के फतवे के का ही असर था जब 1857 में पूरा मुस्लिम समुदाय अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर उठा था। क्रांतिकारियों में बगावत का जज्बा पैदा करने वाले अल्लामा फजल का 19 अगस्त 1861 को इंतकाल हो गया। लेकिन इसके बाद भी भारतीय मुस्लिमों में अल्लामा फजल के फतवे का असर रहा।

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