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महाभारत की धरती पर विकास की नई गाथा: बजट 2026 में हस्तिनापुर को मिला राष्ट्रीय पहचान का तोहफा

Meerut News: आम बजट 2026 में हस्तिनापुर को देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में शामिल किए जाने से इसकी ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिली है।

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मेरठ

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Mohd Danish

Feb 01, 2026

hastinapur heritage development budget 2026

बजट 2026 में हस्तिनापुर को मिला राष्ट्रीय पहचान का तोहफा | Image - X/@IANS

Hastinapur heritage development budget 2026: आम बजट 2026-27 में केंद्र सरकार ने देश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर हस्तिनापुर को एक नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मेरठ जिले में स्थित यह प्राचीन नगरी अब उन 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों की सूची में शामिल कर ली गई है।

जिनका राष्ट्रीय स्तर पर विकास किया जाएगा। बजट में किए गए इस प्रावधान के तहत हस्तिनापुर के ऐतिहासिक उत्खनन स्थलों को आम जनता के लिए खोले जाने की योजना बनाई गई है, जिससे लोग सीधे तौर पर भारतीय सभ्यता की जड़ों से जुड़ सकें। सरकार का उद्देश्य न केवल इस क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करना है, बल्कि इसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाना भी है।

महाभारत काल की विरासत को मिलेगा नया मंच

हस्तिनापुर, जिसे महाभारत काल में पांडवों की राजधानी के रूप में जाना जाता है, सदियों से भारतीय संस्कृति और इतिहास का जीवंत प्रतीक रहा है। बजट में की गई घोषणा से इस प्राचीन नगरी की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्खनन स्थलों को सार्वजनिक रूप से सुलभ कराना इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए एक अनमोल अवसर साबित होगा। इससे न केवल प्राचीन सभ्यता के प्रमाणों को करीब से देखने का मौका मिलेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता भी बढ़ेगी।

इंटरप्रिटेशन सेंटर्स से ज्ञान और पर्यटन का संगम

बजट में हस्तिनापुर में इंटरप्रिटेशन सेंटर्स स्थापित करने का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है, जो इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इन केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को हस्तिनापुर के इतिहास, पुरातात्विक खोजों और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

आधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये केंद्र विद्यार्थियों, शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक शैक्षिक केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। इससे हस्तिनापुर केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि एक प्रमुख शैक्षिक और शोध केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना सकेगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

इस ऐतिहासिक फैसले का सीधा लाभ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को मिलने की संभावना है। पर्यटन के बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, गाइड सेवाएं, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

स्थानीय जन प्रतिनिधियों का मानना है कि इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और युवाओं को अपने ही इलाके में रोजगार के बेहतर विकल्प मिल सकेंगे। यह पहल ग्रामीण और शहरी विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भविष्य की पहचान की ओर एक मजबूत कदम

कुल मिलाकर, आम बजट 2026 में हस्तिनापुर को मिली यह सौगात इसके ऐतिहासिक गौरव को एक नई और सशक्त पहचान देने वाली साबित हो सकती है। यदि प्रस्तावित योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में हस्तिनापुर देश के प्रमुख विरासत और पर्यटन स्थलों में अपनी एक विशिष्ट जगह बना लेगा। यह न केवल भारतीय इतिहास की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे एक प्रेरणादायक धरोहर के रूप में भी स्थापित करेगा।

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