Christmas Day Carol Song : देश में तमाम तरह के धार्मिक पर्व और उनसे जुड़ी मान्यताएं हैं। लेकिन क्रिसमस पर्व जो कि पूरे विश्व में 25 दिसंबर को एक साथ मनाया जाता है। क्रिसमस पूरे विश्च में सभी देशों में अपने—अपने तरीके से मनाया जाता है। लेकिन इस क्रिसमस के मौके पर एक ऐसी परंपरा है जो कि प्रभु ईंशु के जन्म के बाद से पूरे विश्व में आज भी कायम है। वो है कैरोल गीतों की। क्या है कैरोल गीत और आखिर ये क्यों गाए जाते हैं चलिए बताते हैं।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. Christmas Day Carol Song : क्रिसमस नजदीक आते ही क्रिश्चन बस्तियों में कैरोल गीतों की धूम शुरू हो जाती है। शाम और देर रात तक समुदाय के लोग बस्तियों में कैरोल गीत गाते नजर आते हैं। ये कैरोल गीत सुनने के बाद दिल में उतर जाते हैं। इन गीतों केा सुनकर ही अपने आप में एक अजीब तरह का अहसास होता है। ये कहना है पास्टर फिनी अब्राहम का। जिन्होंने कैरोल गीतों से जुड़ी जानकारी पत्रिका के साथ शेयर की।
ईसा जन्म से पूर्व स्वर्ग दूतों ने गाया था कैरोल गीत
पास्टर फिनी अब्राहम बताते हैं कि कैरोल गीत प्रभु ईसा के जन्म के समय से भी पहले गाए गए थे। उन्होंने बताया कि जब प्रभु का जन्म होना था तो स्वर्ग दूत जंगल में गड़रियों को लकड़ी जलाकर आग तापते हुए देखकर उनके पास आए और कहा कि प्रभु का जन्म होने वाला है। उसके बाद देवदूत मंगल गीत गाने लगे। उन्हें गीत गाता देख गड़रियों ने भी गीत गाना शुरू का दिया। उसके बाद जब आधी रात को प्रभु ईशु का जन्म हुआ उससे पहले तक ये गीत गाए गए। पास्टर ने बताया कि चूकि ईशु का जन्म बेथलेहम में हुआ था। वहां पर इन गीतों को कैरोल कहा जाता है। तभी से कैरोल गीत (Carol Song) हर क्रिसमस के मौके पर गाए जाते हैं।
20 दिसंबर से शुरू हो जाते हैं कैरोल सांग्स (Carol Songs start from 20th December)
पास्टर फिनी अब्राहम ने बताया कि 20 दिसंबर से कैरोल गीतों की शुरूआत हो जाती है। समुदाय के लोग बस्तियों में जाकर कैरोल गीत गाते हैं। वे लोगों को बताते हैं कि प्रभु ईशु का जन्म होने वाला है। इसलिए वे अभी से तैयारियों में जुट जाए।
ईशु के जन्म से पहले गाया जाना वाला कैरोल गीत (carol sung before the birth of jesus)
पास्टर इब्राहीम ने बताया कि ईशु के जन्म के समय कैरोल गीत जो गया था वह है, ''आया है ईशु आया है आया मसीह तू गुनहगारों को देने सहारा''। उन्होंने बताया कि इस मौके पर वे घर—घर जाते हैं और लोगों को जागृत करते हैं। भजनों को गाते हैं। जिन्हें कैरल गीत कहा जाता है। उनकी शिक्षाओं के बारे में लोगों केा बताते हैं।
उन्होंने बताया कि वैसे तो बहुत सारे कैरल सांग्स हैं। लेकिन उनमें जो कि आज भी काफी प्रचलित है वह है—'आया है ईशु आया है, आया मसीह तू गुनहगारों को देने सहारा। इसके अलावा ''बैथलेहम के गोशाला में चमका एक सितारा''ईसामसीह के जन्म के समय से ही गाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तो काफी कैरल सांग्स आ चुके हैं।