
मेरठ की सड़कों पर छाई प्रदूषण की धुंध
Air Quality AQI: एनसीआर के लोगों की सांसों पर संकट हैं। एनसीआर में रहने वाला हर व्यक्ति खासी और छीक से परेशान है। गाजियाबाद में जिला अस्पताल की ओपीडी ऐसे मरीजों से भरी हुई है। गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ में वायु प्रदूषण से हालात काफी भयावह हो गए हैं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि गाजियाबाद और नोएडा में कक्षा 5 तक के कुछ स्कूलों ने वायु प्रदूषण के कारण दो दिन के लिए अवकाश घोषित किया है। सीएक्यूएम की मीटिंग के बाद एनसीआर में GRAP-3 को लागू करने का फैसला लिया गया।
आंखों में जलन और गले में संक्रमण की शिकायत
मेरठ में सड़कों पर धुंध छाई हुई है। सड़क पर चलने वाले व्यक्तियों की आंखों में जलन और गले में संक्रमण की शिकायत हो रही है। मेरठ में आज सुबह शास्त्रीनगर गढ रोड पर AQI 315 दर्ज किया गया। यह अति खतरनाक श्रेणी बताई जाती है। हालात ये हैं कि लोगों ने बच्चों का पार्क में निकलना भी बंद कर दिया है। बुजुर्ग लोगों ने सुबह की सैर बंद की हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी हालात और खराब होने की संभावना है।
एनसीआर बीते पांच सालों में सबसे प्रदूषित
दिल्ली-एनसीआर में दो दिन से धुंध छायी हुई है। गाजियाबाद में तो हालात ये हैं कि वायु प्रदूषण के चलते सूरज के दर्शन भी नहीं हो पा रहे हैं। रेस्पाइरर की रिपोर्ट के अनुसार एनसीआर बीते पांच सालों में इस बार सबसे प्रदूषित रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, आज शुक्रवार सुबह आठ बजे तक दिल्ली में मुंडका का औसत AQI 500, आईटीओ का AQI 451, नजफगढ़ का AQI 472 रहा।
नोएडा का एक्यूआई 483
आज शुक्रवार की सुबह नोएडा सेक्टर-125 में एक्यूआई 400 था जो कि 'बहुत खराब' श्रेणी है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 483, सेक्टर-1 का एक्यूआई 413 और सेक्टर-116 का एक्यूआई 415 पर है।
एनसीआर में वायु प्रदूषण में वृद्धि के बीच वायु गुणवत्ता पैनल ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण के तहत प्रतिबंधों को लागू कर दिया है। जिसमें गैर-जरूरी निर्माण और तोड़-फोड़ के काम पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बीएस-3 इंजन और बीएस-4 वाहनों के इस्तेमाल पर रोक
गुरुवार को एनसीआर के जिलों मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड, बुलंदशहर, बागपत और राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हवा बेहद खराब कैटेगरी में दर्ज की गई है। इसके अलावा दिल्ली, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में पेट्रोल से चलने वाले बीएस-3 इंजन और डीजल के बीएस-4 चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
कोयले व लकड़ी से खाना बनाने पर रोक
दिल्ली के तीन सौ किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्रीयल यूनिट और थर्मल पावर प्लांट पर नजर रखी जा रही है। होटल व रेस्तरां के तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाई है।
नोएडा में वाहनों के लिए विशेष अभियान
बढ़ते प्रदूषण के चलते नोएडा पुलिस ने वायु प्रदूषण रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
Updated on:
03 Nov 2023 09:01 am
Published on:
03 Nov 2023 08:59 am

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